हरियाणा में मौसम की दोहरी मार: 60 KM की रफ्तार से चलेगी आंधी, 15 जिलों में बारिश का अलर्ट
Mar 26, 2026 10:03 AM
हरियाणा। चंडीगढ़ समेत समूचे हरियाणा में कुदरत के दो अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। मार्च के महीने में जहां एक ओर पारा सामान्य से ऊपर जाकर गर्मी का अहसास करा रहा है, वहीं हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ बार-बार मैदानी इलाकों का गणित बिगाड़ रहे हैं।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। आसमान में उमड़ते बादलों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अगले एक हफ्ते तक राहत के आसार कम ही हैं।
इन 15 जिलों पर मंडरा रहे हैं बादल
मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, अंबाला और यमुनानगर के लिए चेतावनी जारी की है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर मौसम की तीव्रता अधिक रह सकती है।
हवाओं के पैटर्न में अचानक आए बदलाव ने नमी (आर्द्रता) बढ़ा दी है, जिससे दिन में उमस और रात को हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। वर्तमान में शुष्क और गर्म हवाएं सूरज की किरणों के साथ मिलकर 'हीटिंग इफेक्ट' पैदा कर रही हैं, जो बादलों को बुलाने के लिए ईंधन का काम कर रही हैं।
मार्च के आखिरी दिनों में ओलावृष्टि का डर
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन की मानें तो मार्च का अंत काफी उथल-पुथल भरा रहने वाला है। 26 मार्च की रात से सक्रिय हुआ सिस्टम अगले 48 घंटों तक हरियाणा के 30 फीसदी हिस्से को भिगोएगा। लेकिन असली चिंता 28 मार्च को आने वाले दूसरे विक्षोभ को लेकर है।
इसका प्रभाव 29 से 31 मार्च के बीच दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के दक्षिणी जिलों में सबसे ज्यादा दिखेगा। इस दौरान न केवल मध्यम दर्जे की बारिश होगी, बल्कि तेज हवाओं के साथ ओले गिरने की भी प्रबल आशंका है, जो पककर तैयार खड़ी गेहूं और सरसों की फसल के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है।