हरियाणा विधानसभा स्पीकर की माता का देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद निधन, आज दोपहर करनाल मे होगा अंतिम संस्कार
Mar 14, 2026 9:49 AM
करनाल: हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की माता प्रेम कौर कल्याण का बीती रात निधन हो गया। वे करीब 85 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। परिवार के अनुसार लगभग पंद्रह दिन पहले उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चला। स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने के बाद उन्हें घर ले आया गया था, लेकिन शुक्रवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई और रात करीब बारह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उस समय हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण चंडीगढ़ में थे। माता के निधन की खबर मिलते ही वे तुरंत करनाल जिले के कुटेल गांव स्थित अपने फार्म हाउस पहुंच गए।
करनाल के कुटेल गांव में होगा अंतिम संस्कार
परिवार के अनुसार प्रेम कौर कल्याण का अंतिम संस्कार आज दोपहर ढाई बजे करनाल जिले के कुटेल गांव की शिवपुरी में किया जाएगा। अंतिम संस्कार की जानकारी स्वयं हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए साझा की। निधन की खबर फैलते ही करनाल और आसपास के इलाकों में शोक की लहर फैल गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों के नेताओं ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। कई लोग सुबह से ही कुटेल गांव स्थित आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
कौन हैं हरविंद्र कल्याण
हरविंद्र कल्याण भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और हरियाणा विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष हैं। वर्ष 2024 में उन्हें सर्वसम्मति से हरियाणा विधानसभा का अठारहवां स्पीकर चुना गया था। वे करनाल जिले की घरौंडा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। क्षेत्र में वे सादगीपूर्ण जीवनशैली और अनुशासित राजनीतिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनके परिवार का भी हरियाणा की सार्वजनिक जीवन में लंबे समय से योगदान रहा है। उनके पिता देवी सिंह कल्याण हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं और कृषि क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।
युवा राजनीति से शुरू हुआ सफर
हरविंद्र कल्याण ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत युवा कांग्रेस से की थी। बाद में वे बहुजन समाज पार्टी से जुड़े और वर्ष 2009 का विधानसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। उसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में वे करनाल जिले की घरौंडा सीट से पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने 2019 और 2024 के चुनावों में भी लगातार जीत दर्ज की। अक्टूबर 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा और सर्वसम्मति से उन्हें हरियाणा विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया।
प्रशासनिक और सामाजिक भूमिका
राजनीतिक जिम्मेदारियों के अलावा हरविंद्र कल्याण प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वर्ष 2015 से 2019 तक वे हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ लिमिटेड यानी हैफेड के चेयरमैन रहे। इस दौरान उन्होंने सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई फैसले लिए। इसके अलावा वे विधानसभा की सार्वजनिक लेखा समिति और अनुमानों की समिति के अध्यक्ष पद पर भी कार्य कर चुके हैं। वे कृषि व्यवसाय से जुड़े हैं और शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण से संबंधित सामाजिक कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और सार्वजनिक जीवन
हरविंद्र कल्याण का परिवार विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। उनकी पत्नी रेशमा कल्याण महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाइक की पोती और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोहर नाइक की पुत्री हैं। उनके भाई देवेंद्र सिंह कल्याण भारतीय राजस्व सेवा के पूर्व अधिकारी रहे हैं। वर्ष 2025 में उन्हें हरियाणा का राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था। परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है। करनाल जिले में कल्याण परिवार का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव माना जाता है और स्थानीय स्तर पर उनके कई सामाजिक कार्यक्रम भी चलते रहे हैं।