हरियाणा: नूंह-पलवल सड़क फोरलेन योजना फिर अटकी, फिलहाल 3 करोड़ से शुरू हुई मरम्मत
Mar 09, 2026 11:14 AM
हरियाणा। हरियाणा के नूंह और पलवल को जोड़ने वाला अहम सड़क मार्ग एक बार फिर चर्चा में है। इस सड़क को फोरलेन बनाने की योजना जमीन की कमी के कारण अटक गई है। विधानसभा के बजट सत्र में भी यह मुद्दा उठा था, जहां सरकार ने बताया कि वन विभाग के लिए करीब 68 एकड़ जमीन की जरूरत है, जो अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसे में फिलहाल सड़क को फोरलेन बनाने का काम आगे नहीं बढ़ सका है।
इस बीच सड़क की लगातार खराब होती हालत को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत के बाद लोगों का सफर पहले से सुरक्षित और आसान हो सकेगा।
12 किलोमीटर हिस्से में शुरू हुआ मरम्मत कार्य
लोक निर्माण विभाग के अनुसार पिछले महीने नूंह क्षेत्र में लगभग 12 किलोमीटर लंबे हिस्से में सड़क की मरम्मत शुरू कर दी गई है। इस परियोजना पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अधिकारियों का लक्ष्य है कि अगले तीन महीनों के भीतर यह काम पूरा कर लिया जाए। सड़क की ऊपरी परत को दुरुस्त करने के साथ गड्ढों को भरने और सड़क को समतल बनाने का काम किया जा रहा है।
नूंह और पलवल विंग मिलकर करेंगे काम
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार नूंह से नौरंगाबाद तक के हिस्से की मरम्मत लोक निर्माण विभाग नूंह द्वारा की जाएगी। वहीं पलवल क्षेत्र में आने वाले हिस्से का काम पीडब्ल्यूडी की पलवल विंग संभालेगी।
दोनों विभाग मिलकर पूरे मार्ग को चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त करेंगे ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।
लंबे समय से खराब हालत में है सड़क
नूंह-पलवल मार्ग पिछले कई सालों से खराब हालत में है। कई जगह सड़क की सतह टूट चुकी है और गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं और स्थायी समाधान तभी होगा जब सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा।
जमीन मिलने तक मरम्मत से राहत देने की कोशिश
लोक निर्माण विभाग नूंह के कार्यकारी अभियंता प्रदीप संधू ने बताया, “वन विभाग के लिए जमीन ढूंढने की प्रक्रिया जारी है। तब तक सड़क की मरम्मत कर लोगों के सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा कि काम पूरा होने के बाद इस मार्ग पर यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी और स्थानीय लोगों को तुरंत राहत मिलेगी।