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वोडाफोन आइडिया मोबाइल शुल्क दरों में करेगी मामूली संशोधनः सीईओ

Apr 24, 2026 2:53 PM

नई दिल्ली: दूरसंचार क्षेत्र में चल रही टैरिफ बढ़ोतरी की चर्चाओं के बीच वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) ने साफ किया है कि फिलहाल वह मोबाइल शुल्क दरों में व्यापक वृद्धि नहीं करेगी। शुक्रवार को ‘सीओएआई डिजीकॉम समिट 2026’ के दौरान कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अभिजीत किशोर ने कहा कि कंपनी मौजूदा दरों में केवल मामूली संशोधन कर सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारती एयरटेल ने हाल ही में अपने प्रीपेड प्लान की कीमतों में करीब 4 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

टैरिफ बढ़ोतरी पर कंपनी का रुख स्पष्ट

अभिजीत किशोर ने स्पष्ट किया कि वोडाफोन आइडिया फिलहाल बड़े पैमाने पर टैरिफ बढ़ोतरी की दिशा में नहीं बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी केवल सीमित स्तर पर दरों में सुधार कर सकती है। उनका कहना था कि आमतौर पर जिस तरह संरचनात्मक तरीके से टैरिफ बढ़ाए जाते हैं, वैसा कदम अभी नहीं उठाया जाएगा।

एयरटेल के फैसले के बाद बढ़ी चर्चा

हाल ही में भारती एयरटेल ने अपने प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में 4-5 प्रतिशत तक वृद्धि की थी। इसके बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई थी कि अन्य टेलीकॉम कंपनियां भी इसी राह पर चल सकती हैं। कई विश्लेषकों ने चालू वर्ष की पहली छमाही में करीब 15 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ने की संभावना जताई थी।

सरकार की हिस्सेदारी से मिला भरोसा

किशोर ने यह भी बताया कि सरकार कंपनी में लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ एक अहम शेयरधारक बन चुकी है। इससे कंपनी को स्थिरता और भरोसा मिला है। सरकार ने बकाया राजस्व के बदले में यह हिस्सेदारी ली थी, जिससे कंपनी को वित्तीय राहत मिली।

वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही कंपनी

वोडाफोन आइडिया पिछले कुछ वर्षों से लगातार आर्थिक दबाव का सामना कर रही है। कंपनी पर कर्ज का बोझ रहा है और उसे अपने संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाने पड़े हैं। किशोर ने कहा कि फिलहाल कंपनी का मुख्य फोकस अपने प्रदर्शन में सुधार करना है।

ग्राहक आधार में सुधार के संकेत

कंपनी के लिए राहत की बात यह है कि हाल के महीनों में उसके ग्राहक आधार में सुधार के संकेत मिले हैं। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वोडाफोन आइडिया ने मार्च महीने में एक लाख से अधिक नए मोबाइल ग्राहकों को जोड़ा है। यह पिछले कुछ वर्षों में लगातार गिरावट के बाद सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

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