August 2, 2026

Jagadhri News: जगाधरी में सिस्टम को शर्मसार करती तस्वीर, पुलिस ने नहीं सुनी तो पिता को खाट पर उठाकर मंत्री अनिल विज के पास पहुंचीं बेटियां

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Jagadhri News: जगाधरी में सिस्टम को शर्मसार करती तस्वीर, पुलिस ने नहीं सुनी तो पिता को खाट पर उठाकर मंत्री अनिल विज के पास पहुंचीं बेटियां

3 महीने बाद भी आरोपी फरार, चारपाई पर लेटकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा बेबस पीड़ित

Jagadhri News: हरियाणा में आम आदमी को इंसाफ के लिए किस कदर जद्दोजहद करनी पड़ती है, इसकी एक बानगी आज जगाधरी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में देखने को मिली। यहां चल रही एक प्रशासनिक बैठक में उस समय हर कोई हैरान रह गया, जब दो सगी बहनें अपने पिता महबूब को चारपाई पर लिटाकर सीधे कार्यक्रम स्थल के भीतर दाखिल हो गईं। दरअसल, ये बहनें इलाके के दबंगों की गुंडागर्दी और स्थानीय पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से तंग आकर कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सामने न्याय की गुहार लगाने पहुंची थीं। लेकिन किस्मत ने यहां भी पीड़ितों का साथ नहीं दिया; ऐन वक्त पर स्वास्थ्य खराब होने के कारण मंत्री अनिल विज इस बैठक में शिरकत नहीं कर सके, जिससे रोती-बिलखती बेटियों और दर्द से कराहते पिता को गहरा धक्का लगा।

तलवारों और गंडासियों से किया था हमला, 18 दिन PGI में कटे; पैर में डालनी पड़ी लोहे की रॉड

मंत्री के नाम सौंपे गए शिकायती पत्र में मानकपुर गांव की रहने वाली इन बहनों ने अपनी आपबीती बयां की है। मामला इसी साल 25 अप्रैल का है, जब बच्चों के बीच हुए एक मामूली विवाद ने तूल पकड़ लिया था। आरोप है कि इसी रंजिश में गांव के ही सात नामजद आरोपियों ने महबूब पर गंडासियों, तलवारों और लोहे की रॉड से बीच सड़क पर जानलेवा हमला बोल दिया था। हमला इस कदर बर्बर था कि महबूब की दोनों टांगों की हड्डियां चकनाचूर हो गईं। उन्हें गंभीर हालत में चंडीगढ़ पीजीआई (PGI) रेफर किया गया, जहां वे 18 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। डॉक्टरों को उनके पैरों को बचाने के लिए लोहे की रॉड डालनी पड़ी, जिसके कारण वे आज पूरी तरह से अपाहिज हो चुके हैं और बिस्तर से उठने में भी असमर्थ हैं।

3 महीने बाद भी 4 आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर, खुलेआम घूमकर दे रहे हैं धमकियां

पीड़ित परिवार का सबसे बड़ा आरोप स्थानीय पुलिस के ढीले रवैये को लेकर है। महबूब और उनकी बेटियों ने बताया कि इस खूनी संघर्ष को बीते हुए करीब तीन महीने का वक्त होने को आया है, लेकिन पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। पुलिस अब तक सात हमलावरों में से महज दो को ही गिरफ्तार कर पाई है, जबकि चार मुख्य आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि ये फरार बदमाश आए दिन उनके घर के आसपास चक्कर काटते हैं और पुलिस में शिकायत करने के एवज में पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। इसके चलते पूरा परिवार अपने ही घर में खौफ के साए में जीने को मजबूर है।

जिला पुलिस अधिकारियों को सौंपी शिकायत, निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग

कैबिनेट मंत्री अनिल विज के बैठक में न पहुंचने से निराश हुई बहनों ने आखिरकार वहां मौजूद पुलिस के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को ही अपनी लिखित शिकायत सौंपी। खाट पर लेटे महबूब ने रुंधे गले से कहा कि वे पिछले कई हफ्तों से पुलिस कप्तानों और थानों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन सिवाय आश्वासनों के कुछ हाथ नहीं लगा। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्षता से दोबारा जांच कराई जाए और फरार चल रहे सभी आरोपियों को अविलंब सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि उनके परिवार को इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके।

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