जयपुर पटाखा फैक्ट्री हादसा: अग्निकांड में हुई 8 मौतों के मामले में 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, भारी मात्रा में बारूद जब्त
Jun 10, 2026 4:17 PM
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। 9 जून को हुए इस हादसे में 8 लोगों की मौत के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे। इसी क्रम में बुधवार सुबह खोह नागोरियान थाने के एएसआई अमर सिंह और हेड कॉन्स्टेबल पप्पू राम को निलंबित कर दिया गया। दोनों पर क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के प्रति कथित लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। दूसरी ओर, पुलिस ने रातभर चलाए गए अभियान में कई अवैध फैक्ट्रियों और गोदामों पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की है।
खोह नागोरियान में हुए विस्फोट और आगजनी की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पटाखा निर्माण और बारूद भंडारण का काम चल रहा था, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इन्हीं आरोपों के बीच पुलिस विभाग ने प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों का मानना है कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की निगरानी और रोकथाम में गंभीर चूक हुई हो सकती है, जिसकी जांच आगे भी जारी रहेगी।
रातभर चली छापेमारी, भारी मात्रा में बारूद बरामद
अग्निकांड के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने खोह नागोरियान और आसपास के इलाकों में संयुक्त अभियान शुरू किया। मंगलवार रात से जारी कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध फैक्ट्रियों और गोदामों की तलाशी ली गई। पुलिस के अनुसार तीन अलग-अलग फैक्ट्री-गोदामों से बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखा निर्माण सामग्री बरामद हुई है। यह सामग्री अवैध रूप से संग्रहित की गई थी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया और संबंधित परिसरों को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच के दौरान प्रशासन ने जावेद विहार समेत विभिन्न स्थानों पर संचालित अवैध इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की। अब तक कुल पांच फैक्ट्री-गोदामों को सील किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बिना अनुमति संचालित होने वाली किसी भी इकाई को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन स्थानों पर विस्फोटक सामग्री कितने समय से रखी जा रही थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।
जांच के दौरान सामने आया कि केवल फैक्ट्रियों में ही नहीं बल्कि कुछ रिहायशी मकानों में भी पटाखा निर्माण का काम किया जा रहा था। इसके बाद आयशा कॉलोनी के कई घरों में तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि देर रात तक चली कार्रवाई में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध लोगों की पहचान की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।
9 जून को हुआ था दर्दनाक हादसा
यह हादसा 9 जून की सुबह करीब 11 बजे खोह नागोरियान स्थित करीम नगर-बी इलाके में हुआ था। मकान संख्या 88 में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हुए, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। इस दुर्घटना में एक बच्चे सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में दो सगे भाइयों के शामिल होने की भी पुष्टि हुई थी। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने कई घंटों तक अभियान चलाकर स्थिति पर नियंत्रण पाया।
जांच में सामने आया है कि जिस मकान में फैक्ट्री संचालित हो रही थी, वह याकूब पुत्र नजीर खान का बताया जा रहा है। याकूब खोह नागोरियान क्षेत्र की राक्ष्या की ढाणी का निवासी है। पुलिस के अनुसार फैक्ट्री का संचालन फिरोज नामक व्यक्ति कर रहा था, जो मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला बताया गया है। हादसे के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।