यमुनानगर में मौत का स्टंट: 30 फीट ऊंचे रेलवे पुल से यमुना नदी में कूद रहे किशोर, प्रशासन बेखबर
May 20, 2026 12:34 PM
यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिले में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दावों की पोल खोलती एक बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। जैसे ही पारे ने छलांग लगाई है, वैसे ही शहर के किशोरों ने मौत से खिलवाड़ करना शुरू कर दिया है। जमुना गली फाटक के पास पश्चिमी यमुना नहर पर बने रेलवे पुल को बच्चों ने अपना 'डाइविंग बोर्ड' बना लिया है। बच्चे और किशोर बिना किसी खौफ के रेलवे ट्रैक के बिल्कुल किनारे खड़े होते हैं और करीब 30 फुट नीचे उफनती यमुना के गहरे व तेज बहाव में छलांग लगा देते हैं। यह जानलेवा खेल किसी भी दिन किसी हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा सकता है।
ऊपर काल बनकर दौड़ती ट्रेन, नीचे मौत का गहरा पानी
इस पूरे मामले में सबसे डराने वाली बात यह है कि यह स्टंट उस रेलवे लाइन पर हो रहा है, जहां से दिन-रात तेज रफ्तार ट्रेनें गुजरती हैं। पुल पर खड़े होकर नहाने और छलांग लगाने के दौरान अगर अचानक कोई सुपरफास्ट ट्रेन आ जाए, तो बच्चों के पास भागने की जगह तक नहीं बचेगी। जरा सी चूक या पैर फिसलना सीधे मौत के मुंह में ले जाएगा। स्थानीय नागरिक राजकिशोर बताते हैं कि हर साल गर्मी शुरू होते ही जमुना गली फाटक के पास यह नजारा आम हो जाता है। बच्चे टोलियां बनाकर यहां आते हैं और घंटों तक रेलवे ट्रैक पर ही डेरा जमाए रखते हैं, लेकिन रेलवे विभाग और जिला प्रशासन इस पर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है।
जीआरपी और आरपीएफ की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
इस अति-संवेदनशील इलाके में न तो रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का कोई पहरा है और न ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की कोई गश्त दिखती है। प्रशासन की इस लापरवाही से स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासी अनिल का कहना है कि जब तक पुलिस इस ट्रैक पर आने वाले अवैध रास्तों को पूरी तरह ब्लॉक नहीं करेगी और नियमित रूप से गश्त नहीं बढ़ाएगी, तब तक इन बेलगाम बच्चों को रोकना नामुमकिन है। यह सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि कानून की नाक के नीचे सुसाइड पॉइंट बनाने जैसा है।
शिकायत के बाद जागा प्रशासन, गश्त बढ़ाने का दावा
लगातार उठते सवालों और स्थानीय लोगों के बढ़ते आक्रोश के बाद अब रेलवे पुलिस महकमे में थोड़ी हलचल देखने को मिल रही है। जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि जमुना गली फाटक के पास पश्चिमी यमुना नहर में बच्चों के नहाने और स्टंट करने की शिकायतें उन्हें मिली हैं, जिसे बेहद गंभीरता से लिया गया है। प्रशासन ने दावा किया है कि अब इस पूरे रेलखंड पर नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही, जीआरपी की एक विशेष टीम बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक करेगी ताकि वे ऐसे जानलेवा स्थानों से दूर रहें। हालांकि, जमीन पर यह सख्ती कब तक दिखाई देगी, यह देखने वाली बात होगी।