Jhajjar News: झज्जर के दुल्हेड़ा में खूनी संघर्ष, प्लॉट पर कब्जा करने आए युवकों को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

झज्जर के दुल्हेड़ा में खूनी संघर्ष, प्लॉट पर कब्जा करने आए युवकों को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
Jhajjar News: हरियाणा के झज्जर जिले के दुल्हेड़ा गांव में 19 अगस्त को प्लॉट के विवाद को लेकर हुआ बवाल खूनी संघर्ष में बदल गया। दिल्ली से गाड़ियों में भरकर पहुंचे दर्जनों लोगों ने जब गांव के एक दंपती पर हमला किया, तो पूरे गांव का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कब्जा करने आए युवकों को चारों तरफ से घेर लिया और लाठी, डंडों व फावड़ों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान जान बचाने के लिए कमरों में छिपे युवकों के दरवाजे तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया, जबकि कुछ युवक जान बचाने के लिए गांव के तालाब में कूद गए, जहां ग्रामीणों ने पानी के अंदर ही उन पर लाठियां बरसा दीं।
अब इस बर्बर मारपीट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में युवक हाथ जोड़कर जान की भीख मांगते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए बादली थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और मामले में शामिल 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दंपती के साथ मारपीट के बाद भड़का गांव का गुस्सा
पुलिस जांच के अनुसार, पूरा विवाद दुल्हेड़ा गांव स्थित 570 वर्ग गज के एक रिहायशी प्लॉट से जुड़ा है। पीड़ित ग्रामीण सुरेंद्र के मुताबिक, उनकी पारिवारिक जमीन की खेवट सांझी है। आरोप है कि उनके चचेरे भाई अमित ने परिवार के अन्य सदस्यों की सहमति के बिना यह प्लॉट गांव की ही एक लड़की को बेच दिया था। 19 अगस्त को जब सुरेंद्र अपनी पत्नी गीता के साथ खेत से लौट रहे थे, तो उन्होंने प्लॉट पर गेट लगाते अमित को टोका।
बातचीत के दौरान कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि प्लॉट खरीदने वाले पक्ष ने दिल्ली के निजामपुर और बहादुरगढ़ से करीब 26 युवकों को बुला लिया। इन युवकों ने आते ही सुरेंद्र और उनकी पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। दंपती को पिटता देख आसपास के ग्रामीण और परिजन लामबंद हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों ने हमलावरों को घेर लिया और हिंसा भड़क उठी।
एसीपी ने सूझबूझ से बचाई जान, गाड़ियों के फटे टायर
घटना की सूचना मिलते ही एसीपी प्रदीप खत्री और बादली थाना प्रभारी सुमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उस समय ग्रामीण आक्रोशित थे और उन्होंने कब्जाधारियों की दो स्कॉर्पियो और एक वैगनआर गाड़ी के शीशे तोड़कर उनके टायर फाड़ दिए थे। एसीपी प्रदीप खत्री ने बड़ी मशक्कत और सूझबूझ का परिचय देते हुए भीड़ के बीच से घायलों को बाहर निकाला और पुलिस सुरक्षा में अस्पताल भिजवाया।
बादली थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि पीड़ित सुरेंद्र की शिकायत पर 26 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 23 आरोपियों को धर दबोचा। इनमें से 17 आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि 6 मुख्य आरोपियों को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान वारदात में इस्तेमाल हथियारों और बाकी फरार आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ जारी है।
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