Kaithal News: कैथल में 12वें दिन भी हड़ताल पर पटवारी, नए पोर्टल के विरोध में लटके ताले, IT विभाग पर उठाए सवाल

कैथल में 12वें दिन भी हड़ताल पर पटवारी, नए पोर्टल के विरोध में लटके ताले
Kaithal News: कैथल जिले में नए राजस्व पोर्टल के विरोध में पटवारियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को पटवारियों की हड़ताल लगातार 12वें दिन में प्रवेश कर गई। पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर लघु सचिवालय परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के चलते पटवार भवन स्थित सभी पटवारियों के दफ्तरों पर ताले जड़े रहे, जिससे आय प्रमाण पत्र, इंतकाल और जमाबंदी जैसे राजस्व कार्यों के लिए आने वाले आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
“पोर्टल की कमियों का दोष पटवारियों पर मढ़ना गलत”
धरने की अगुवाई कर रहे पटवारी सुखविंद्र सिंह, सुनील कुमार और संजीव कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए पोर्टल में अनगिनत तकनीकी खामियां हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खामी पोर्टल के सिस्टम में है, लेकिन इसका खामियाजा आम जनता और पटवारियों दोनों को भुगतना पड़ रहा है।
पटवारियों ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि पोर्टल की कमियों को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया, तो इससे आम जनता और पटवारियों के बीच अनावश्यक टकराव की स्थिति पैदा होगी। सरकार किसी चेतावनी या दबाव से हमें पीछे नहीं हटा सकती। हमारी लड़ाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की है ताकि जनता के काम बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से हो सकें।”
IT विभाग की जवाबदेही तय करने और डिजिटल क्रॉप सर्वे को बाहर सौंपने की मांग
पटवारियों ने सरकार के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि जमाबंदी और इंतकाल (म्यूटेशन) के लिए जारी किए गए नए पोर्टल की सभी तकनीकी कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए।
पटवारियों का कहना है कि:
25 अगस्त से सभी पटवारियों की यूजर आईडी आईटी विभाग द्वारा बंद कर दी गई हैं और ‘ऑटो म्यूटेशन’ किए जा रहे हैं। ऐसे में इन ऑटो म्यूटेशन से होने वाली किसी भी गड़बड़ी की सीधी जिम्मेदारी आईटी विभाग की तय होनी चाहिए।
यदि पोर्टल 100 प्रतिशत सही काम कर रहा है, तो इससे जनरेट होने वाले सभी दस्तावेजों (जमाबंदी, इंतकाल आदि) पर आईटी विभाग प्रमुख के डिजिटल हस्ताक्षर अनिवार्य किए जाएं।
नए पोर्टल को कानूनी मान्यता देने के लिए संशोधित लैंड रिकॉर्ड मैनुअल (Land Record Manual) तुरंत जारी किया जाए।
जब तक यह नया पोर्टल तकनीकी और राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक इसे पूरे राज्य में थोपने के बजाय किसी एक गांव या तहसील में ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के रूप में चलाकर इसकी कमियों को ठीक किया जाए।
डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पटवारियों के बजाय अन्य पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर प्राइवेट एजेंसियों से करवाया जाए।
कंप्यूटर उपकरण व बकाया एरियर जारी करने पर जोर
पटवारियों ने यह भी मुद्दा उठाया कि नवनियुक्त पटवारियों से संबंधित फाइल कैबिनेट से पास हो चुकी है। इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर 1 जनवरी 2025 से बकाया वेतन का एरियर जल्द से जल्द खातों में भेजा जाए।
इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन कामकाज को पारदर्शी और गति देने के लिए तहसीलों में प्रिंटर, स्कैनर, और कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएं तथा फील्ड वर्क के लिए सभी पटवारियों को टैबलेट दिए जाएं। पटवारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता, उनका यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
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