Breaking News
25 October Rashifal: रविवार के दिन इन राशियों पर बरसेगी सूर्यदेव की कृपा, चमक जाएगी किस्मतMother Son Viral Video: मां की तबीयत खराब हुई तो 14 साल के बेटे ने संभाला किचन, वीडियो देख हर कोई कर रहा तारीफYamunanagar News: यमुनानगर में खौफनाक कत्ल, मां के प्रेमी की बेटे ने रॉड से पीट-पीटकर की हत्या, कट्टे में मिला शवNarnaul Mandi Update: नई अनाज मंडी नारनौल में बाजरा खरीद का नया रोस्टर जारी, 26 से 31 अक्टूबर तक तय गांवों के किसान ला सकेंगे फसलNarnaul News: हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा का दोहरे विरोध प्रदर्शन के तहत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, 5 व 6 नवंबर की हड़ताल की चेतावनी25 October Rashifal: रविवार के दिन इन राशियों पर बरसेगी सूर्यदेव की कृपा, चमक जाएगी किस्मतMother Son Viral Video: मां की तबीयत खराब हुई तो 14 साल के बेटे ने संभाला किचन, वीडियो देख हर कोई कर रहा तारीफYamunanagar News: यमुनानगर में खौफनाक कत्ल, मां के प्रेमी की बेटे ने रॉड से पीट-पीटकर की हत्या, कट्टे में मिला शवNarnaul Mandi Update: नई अनाज मंडी नारनौल में बाजरा खरीद का नया रोस्टर जारी, 26 से 31 अक्टूबर तक तय गांवों के किसान ला सकेंगे फसलNarnaul News: हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा का दोहरे विरोध प्रदर्शन के तहत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन, 5 व 6 नवंबर की हड़ताल की चेतावनी

Spiti Valley: स्पीति घाटी का यह छोटा सा गांव इंटरनेट पर क्यों हुआ वायरल? जानिए 15 हजार फीट ऊपर की असल सच्चाई

Spiti Valley: स्पीति घाटी का यह छोटा सा गांव इंटरनेट पर क्यों हुआ वायरल? जानिए 15 हजार फीट ऊपर की असल सच्चाई

स्पीति घाटी का यह छोटा सा गांव इंटरनेट पर क्यों हुआ वायरल? जानिए 15 हजार फीट ऊपर की असल सच्चाई

AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION
AAmandeep Singh

Spiti Valley: हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही ज़हन में बर्फ़ से ढकी चोटियों और ठंडे रेगिस्तान का अक्स उभरता है, लेकिन इसी सूबे की स्पीति घाटी में बसा ‘कोमिक’ गांव इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा के केंद्र में है। दुनिया के सबसे ऊंचे मोटरयोग्य गांवों में शुमार कोमिक की रोज़मर्रा की जिंदगी पर बने एक ट्रैवल व्लॉग ने इंटरनेट पर तहलका मचा रखा है। करीब चार महीने पुराने इस वीडियो को अब तक लाखों लोग देख चुके हैं, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे आधुनिक सुविधाओं से दूर, महज़ हवा के भरोसे सांसें गिनते इस गांव में ज़िंदगी हर पल एक नया इम्तिहान लेती है।

15 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई: जहां हर सांस में होती है मशक्कत

विज्ञापन

समुद्र तल से लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित कोमिक में मैदानी इलाकों की तुलना में हवा बेहद विरल (Thin Air) है। बाहर से जाने वाले पर्यटकों के लिए यहां कदम रखते ही ऑक्सीजन लेवल का गिरना और सिर घूमना आम बात है। वायरल वीडियो में भी यात्री को ऑक्सीजन की कमी से जूझते दिखाया गया है। हालांकि, सदियों से इस भूगोल को अपना घर बना चुके स्थानीय निवासियों का शरीर अब इस कम ऑक्सीजन वाले माहौल में पूरी तरह ढल चुका है।

माटी के घर और ‘गोबर’ से सुलगती ज़िंदगी

सर्दियों के महीनों में जब पारा शून्य से कई डिग्री नीचे गिर जाता है, तब यहां के पारंपरिक मिट्टी के घर लोगों का सबसे बड़ा रक्षा कवच बनते हैं। मोटी-मोटी मिट्टी की दीवारें बाहर की बर्फीली हवाओं को अंदर दाखिल नहीं होने देतीं।

पेड़-पौधों के नाम पर बंजर पड़ी इस घाटी में लकड़ी का ईंधन जुटाना लगभग नामुमकिन होता है। ऐसे में स्थानीय लोग अपने मवेशियों के गोबर को सुखाकर ईंधन (उपले) के रूप में इस्तेमाल करते हैं। यही सूखा गोबर चूल्हा जलाने, खाना पकाने और कमरों को गर्म रखने का इकलौता जरिया बनता है। सर्दियों में पानी के नल जम जाने पर ग्लेशियर से पिघलकर आने वाली कुदरती जलधाराएं ही प्यास बुझाती हैं।

मंगल ग्रह सा नजारा और लांग्जा का इतिहास

स्पीति घाटी की रंगत किसी दूसरे ग्रह जैसी लगती है—फैले हुए पथरीले पहाड़, दूर-दूर तक हरियाली का नामोनिशान नहीं और सूखी चट्टानें। कोमिक के नज़दीक ही लांग्जा गांव स्थित है, जहां आज भी करोड़ों साल पुराने समुद्री जीवों के जीवाश्म (Fossils) आसानी से मिल जाते हैं, जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि कभी यह पूरी घाटी समुद्र के नीचे डूबी हुई थी। इसके पास ही दुनिया के सबसे ऊंचे डाकघर वाला गांव ‘हिक्किम’ भी मौजूद है।

सीमित संसाधन, लेकिन अटूट इंसानी जज्बा

कठिन से कठिन मौसम और सुविधाओं के अकाल के बावजूद कोमिक की सबसे बड़ी ताकत वहां के लोगों की आपसी एकजुटता है। किसी के घर शादी-ब्याह हो या मातम, पूरा गांव एक परिवार की तरह कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो जाता है। खाने में जौ का दलिया, स्थानीय छलांग (पनीर), शुद्ध देसी घी और मक्खन वाली नमकीन चाय इन्हें इस कातिलाना ठंड में टिके रहने की ताकत देती है। यह गांव सिखाता है कि कुदरत चाहे कितनी भी कठोर क्यों न हो, इंसान का इरादा और आपसी भाईचारा हर चुनौती पर भारी पड़ता है।

यह भी पढ़ें– Scorpion Survival Facts: कुदरत का अजूबा यह जीव, 6 दिन बिना सांस और 1 साल बिना खाए रहता है जिंदा

ख़बर पसंद आई? शेयर करें
विज्ञापन

ट्रेंडिंग की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।