Haryana Sanitation Workers Strike: हिसार में पुलिस और सफाई कर्मचारियों में झड़प, 35-40 हिरासत में, महिला कर्मचारी घायल

हिसार में पुलिस और सफाई कर्मचारियों में झड़प, 35-40 हिरासत में, महिला कर्मचारी घायल
Haryana Sanitation Workers Strike: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों का अपनी लंबित मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन और उग्र होता जा रहा है। हड़ताल को तीन दिनों के लिए और आगे बढ़ा दिया गया है। एक तरफ जहां कर्मचारी सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम और पुलिस प्रशासन डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की वैकल्पिक व्यवस्था बहाल करने में जुटा है। इसी कवायद के बीच सोमवार को हिसार में पुलिस और सफाई कर्मचारियों के बीच तीखा टकराव देखने को मिला।
बरवाला चुंगी पर हंगामा, गाड़ियों के आगे लेटे कर्मचारी
घटना हिसार स्थित बरवाला चुंगी की है, जहां प्रशासन सोमवार सुबह डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों को डिपो से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था। जैसे ही गाड़ियां बाहर निकलने लगीं, वहां मौजूद हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने रास्ता रोक दिया और गाड़ियों के आगे खड़े हो गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने जब कर्मचारियों को रास्ते से हटाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए लगभग 35 से 40 प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।
झड़प में महिला कर्मचारी घायल, अस्पताल में भर्ती
कर्मचारी नेताओं ने प्रशासन पर आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। अग्निशमन संघ (फायर ब्रिगेड यूनियन) हिसार के जिला अध्यक्ष राजेश मेहला और सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बिशन सिंह का कहना है कि सफाई कर्मचारी पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे।
कर्मचारी नेताओं का दावा है कि पुलिस द्वारा की गई जबरन धक्का-मुक्की के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं। एक महिला सफाई कर्मचारी की हालत बिगड़ने और गंभीर चोट लगने के कारण उसे तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
मई 2026 समझौते की अधिसूचना जारी करे सरकार: यूनियन
नगरपालिका राज्य केंद्रीय समिति के सदस्य बिशन सिंह ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन सरकार उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर रही है। उनकी मुख्य मांगों में नए सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों की पक्की भर्ती शुरू करना तथा मई 2026 में सरकार और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति का आधिकारिक पत्र (Notification) जारी करना शामिल है।
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, सरकार ने वार्ता के दौरान उनकी मांगें मानने का वादा तो किया था, लेकिन अभी तक उन्हें कागजी रूप में लागू नहीं किया गया है।
वार्ता के लिए 3 दिन की मोहलत, वरना तेज होगा आंदोलन
यूनियन ने फिलहाल हड़ताल की मियाद तीन दिनों के लिए बढ़ा दी है। कर्मचारी नेताओं ने साफ कहा है कि सरकार के पास अभी भी बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने का मौका है। यदि इन तीन दिनों में सरकार उन्हें वार्ता की मेज पर बुलाती है और मई में हुए समझौते को लागू करने का पत्र जारी कर देती है, तो कर्मचारी अपना आंदोलन वापस लेने पर विचार करेंगे।
बहरहाल, बरवाला चुंगी पर हुई इस झड़प के बाद हिसार में पुलिस प्रशासन और कर्मचारियों के बीच भारी तनाव बना हुआ है। एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, वहीं प्रशासन शहर में सफाई व्यवस्था सुचारू रखने के लिए मुस्तैद दिख रहा है।
