Kaithal News: हरियाणा के कैथल शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बजाय और ज्यादा उग्र रूप धारण करती नजर आ रही है। नगर पालिका कर्मचारी संघ ने सरकार पर वादाखिलाफी का सीधा आरोप लगाते हुए अपनी जारी हड़ताल को 2 सितंबर तक बढ़ाने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। कर्मचारी अब शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों को एकजुट कर सड़कों पर बड़ा प्रदर्शन करने की रणनीति बना रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी पुरानी मांगों को तुरंत लागू नहीं किया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में तब्दील हो जाएगा।
25 दिनों से कचरा उठान पूरी तरह ठप, डोगरा गेट समेत मुख्य बाजारों में लगा कूड़े का ढेर
कर्मचारियों की इस लंबी खींचतान का सबसे बड़ा खामियाजा कैथल की जनता को भुगतना पड़ रहा है। बीते 25 दिनों से शहर भर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है। डोगरा गेट, पिहोवा चौक, मुख्य बाजार और रिहायशी कॉलोनियों समेत ऐसा कोई इलाका नहीं बचा है, जहां सड़कों के किनारे कचरे के पहाड़ न खड़े हों।
भीड़भाड़ वाले इलाकों से गुजरने वाले राहगीर और वाहन चालक मुंह पर कपड़ा ढंककर निकलने को मजबूर हैं। भीषण उमस और बारिश के इस मौसम में गंदगी के सड़ने से उठ रही असहनीय बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय प्रशासन की नाकामी से आहत होकर कई स्थानों पर नागरिकों ने खुद ही सड़कों पर फैले कचरे में आग लगानी शुरू कर दी है, जिससे उठने वाला जहरीला धुआं पर्यावरण और सांस के मरीजों के लिए नया खतरा पैदा कर रहा है।
13 मई की वार्ता के बाद भी नहीं जारी हुए आदेश, कर्मचारियों में गहरा आक्रोश
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य मुख्य संगठनकर्ता, सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव शिवचरण और सचिव विक्की टांक ने हड़ताल के कारणों का ब्योरा देते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि सफाई, सीवर और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की मांगों को लेकर 13 मई को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा भवन में उच्चस्तरीय वार्ता हुई थी। विभागीय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आर.के. खुल्लर समेत तमाम आला अधिकारियों की मौजूदगी में करीब 6 घंटे लंबी मैराथन बैठक चली थी।
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, उस बैठक में राज्य कमेटी के मांग पत्र पर सहमति जताते हुए 20 जून तक सभी लिखित आदेश और परिपत्र जारी करने का ठोस आश्वासन दिया गया था। लेकिन जून का महीना बीत जाने के बाद भी अब तक सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया है।
“12 साल में एक भी कर्मचारी पक्का नहीं किया” — सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप
यूनियन प्रतिनिधियों ने सत्तारूढ़ दल पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपने पिछले 12 साल के कार्यकाल के दौरान अपने ही किए वादों से लगातार मुकरती आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवधि में आज तक एक भी सफाई कर्मचारी, सीवरमैन या फायर फाइटर को पक्का (नियमित) नहीं किया गया है।
संघ के नेताओं ने कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के साथ किया जा रहा यह रवैया सरकार की मानसिकता को उजागर करता है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और विभागीय सहमति के मुताबिक परिपत्र जारी करने का काम पूरा नहीं होता, वे अपना हक पाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेंगे।
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