Kotakpura News : कोटकपूरा में किसानों का पावरकॉम पर धरना, 8 घंटे बिजली देने की मांग

कोटकपूरा में किसानों का पावरकॉम पर धरना, 8 घंटे बिजली देने की मांग
Kotakpura News : पंजाब में धान के सीजन के बीच कृषि क्षेत्र को पर्याप्त बिजली न मिलने से किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूटने लगा है। कोटकपूरा में ‘किसान यूनियन फतेह पंजाब’ के बैनर तले एकजुट हुए दर्जनों किसानों ने स्थानीय पावरकॉम (PSPCL) दफ्तर के बाहर विशाल धरना दिया। किसानों ने पंजाब सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कृषि फीडरों पर निर्बाध बिजली सप्लाई तुरंत बहाल करने की पुरजोर मांग की।
8 घंटे बिजली के दावे हवा-हवाई, जमीन पर लग रहे लंबे कटधरने की अगुवाई कर रहे किसान नेताओं ने राज्य सरकार के दावों पर सीधे सवाल खड़े किए। किसान यूनियन के वरिष्ठ नेताओं रुलदू सिंह और गुरमीत सिंह बराड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मंचों से किसानों को रोजाना 8 घंटे बिना किसी कट के बिजली देने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
नेताओं का आरोप है कि पिछले कई दिनों से देहाती इलाकों और कृषि फीडरों पर अघोषित बिजली कट लगाए जा रहे हैं, जिससे खेतों तक पानी पहुंचाना मुहाल हो गया है।
सूखने लगी धान की फसल, अधिकारियों की अनदेखी से रोष
प्रदर्शनकारी किसानों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समय धान की फसल को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। लगातार लग रहे बिजली कटों की वजह से सिंचाई ठप्प पड़ी है, जिससे तैयार हो रही धान की फसल सूखने लगी है।
किसान नेताओं ने कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार पावरकॉम के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला ला चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के चलते समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया।
‘फसलों का नुकसान हुआ तो जिम्मेदार होगी सरकार’
यूनियन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि बिजली विभाग ने कृषि क्षेत्र के लिए तय बिजली सप्लाई में तुरंत सुधार नहीं किया और पानी की कमी से किसानों की फसलों का नुकसान हुआ, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी पावरकॉम प्रशासन और पंजाब सरकार की होगी। किसान नेताओं ने चेताया कि अगर जल्द ही निर्बाध बिजली चालू नहीं की गई तो इस धरने को अनिश्चितकालीन प्रदर्शन में बदलकर संघर्ष को और तीखा किया जाएगा।
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