August 2, 2026

Kulgam Terror Attack: कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की जान गई, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

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Kulgam Terror Attack: कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की जान गई, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले में शुक्रवार रात आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों के अनुसार यह हमला रात करीब 8:30 बजे कुलगाम से लगभग 20 किलोमीटर दूर केलाम इलाके में हुआ। दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के दौरान 10 से 12 राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। वारदात के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के करीब दो किलोमीटर क्षेत्र को सील कर दिया और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी।

 

एक की मौके पर मौत, दूसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम

हमले में 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 28 वर्षीय भूपेंद्र को गंभीर हालत में श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (SKIMS) ले जाया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार दोनों प्रवासी मजदूर ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे। घटना के समय वहां अन्य प्रवासी मजदूर भी मौजूद थे।

 

नाम पूछने के बाद गोली मारने का दावा, जांच जारी

स्थानीय लोगों और प्रारंभिक जानकारी के आधार पर सामने आया है कि हमलावरों ने मजदूरों से उनकी पहचान पूछी और उसके बाद गोलीबारी की। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं।

 

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं जांच एजेंसियां

सूत्रों के अनुसार हमले के समय दो हमलावर बाइक पर आए थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमले में एक स्थानीय और एक पाकिस्तानी आतंकी शामिल हो सकता है। शुरुआती जांच का फोकस मोहम्मद लतीफ नामक संदिग्ध पर है, जिसके बारे में जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि वह पिछले वर्ष आतंकी संगठन टीआरएफ (The Resistance Front) से जुड़ा था। इस संबंध में आधिकारिक जांच जारी है। पिछले कुछ वर्षों में ईंट-भट्ठों पर हुए हमलों के बाद पुलिस ने वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे। जिस ईंट-भट्ठे पर यह हमला हुआ, वहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे थे। अब जांच एजेंसियां फुटेज की विस्तार से पड़ताल कर रही हैं।

 

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सहायता राशि का ऐलान किया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को पहले से निर्धारित 6 लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के संपर्क में रहकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।

 

22 जुलाई को भी हुआ था आतंकी हमला

इससे पहले 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक क्षेत्र में आतंकियों ने पुलिस दल पर हमला किया था। उस हमले में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन शहीद हो गए थे। उस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में व्यापक अभियान चलाकर करीब 3000 लोगों से पूछताछ की थी। बाद में जांच के आधार पर अधिकांश लोगों को छोड़ दिया गया।

 

घाटी की अर्थव्यवस्था में प्रवासी मजदूरों की अहम भूमिका

हर वर्ष लगभग 3 से 5 लाख प्रवासी मजदूर मौसमी और अस्थायी रोजगार के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की होती है। ये मजदूर निर्माण कार्य, ईंट-भट्ठों, सड़क परियोजनाओं, बागवानी, कृषि, होटल-पर्यटन और छोटे उद्योगों में काम करते हैं। ऐसे हमले न केवल सुरक्षा व्यवस्था बल्कि घाटी में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों के मनोबल और आजीविका पर भी असर डालते हैं।

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