Sankashti Chaturthi: भगवान श्री गणेश की कृपा प्राप्त करने का पावन पर्व सावन की गजानन संकष्टी चतुर्थी इस बार 2 अगस्त को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में आने वाली यह पहली चतुर्थी बेहद फलदायी मानी जाती है। खास बात यह है कि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का सुंदर संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को हर प्रकार की मनोकामना पूरी करने और जीवन के तमाम विघ्नों को हरने वाला माना गया है। जो लोग इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से प्रथम पूज्य गणपति बप्पा की आराधना करते हैं, उनके जीवन में सुख, समृद्धि और उन्नति के द्वार खुलते हैं।
जानिए पूजा, अमृत मुहूर्त और चंद्रोदय का सटीक समय
पंचांग के अनुसार सावन कृष्ण चतुर्थी तिथि की शुरुआत 1 अगस्त की रात 11:07 बजे से हो चुकी है, जो 2 अगस्त को रात 11:15 बजे तक रहेगी। पूजा का मुख्य मुहूर्त सुबह 07:24 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। इसमें लाभ-उन्नति का शुभ समय सुबह 09:05 बजे से 10:46 बजे तक है, जबकि अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग रात 09:37 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 3 अगस्त को सुबह 05:44 बजे तक बना रहेगा। चूंकि कृष्ण पक्ष में चंद्रोदय देर से होता है, इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को चांद का इंतजार करना पड़ेगा। चंद्रोदय रात 09:24 बजे होगा, जिसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत संपन्न होगा।
पूरे दिन रहेगा चोर पंचक का साया, सतर्कता बरतने की सलाह
इस बार संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर पूरे दिन चोर पंचक का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक शुक्रवार से शुरू हुआ चोर पंचक इस पूरे दिन बना रहेगा। चोर पंचक के दौरान धन-धान्य और कीमती सामान के गुम होने या चोरी होने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे में पंडितों और ज्योतिषाचार्यों ने सलाह दी है कि इस दिन पूजा-पाठ और व्रत के साथ-साथ श्रद्धालु अपनी कीमती वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर भी पूरी तरह सतर्क रहें।
मंत्र जप और दान से मजबूत होगा बुध ग्रह, करियर को मिलेगी रफ्तार
संकष्टी चतुर्थी पर गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के लिए विशेष मंत्रों का जाप बेहद फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु “ॐ गं गणपतये नमो नमः” या “वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ” जैसे पौराणिक मंत्रों का मन में स्मरण करें। पूजा के समापन के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को सात तरह के अनाज, अन्न, वस्त्र, फल या मिठाई का दान करना चाहिए। इस दिन गौ सेवा का भी विशेष महत्व है; गाय को हरा चारा खिलाने से कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, जिससे नौकरी, व्यवसाय और करियर में तेजी से तरक्की के योग बनते हैं।
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