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जून में नई गाड़ी खरीदने का है प्लान? 17 जून से शुरू हो रहे हैं वाहन खरीदी के 7 सबसे शुभ मुहूर्त

May 25, 2026 5:50 PM

भारतीय समाज में किसी भी छोटी-बड़ी संपत्ति, विशेषकर वाहन की खरीदारी को सीधे तौर पर ग्रहों की चाल और शुभ समय से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि पिछले कुछ हफ्तों से शोरूम्स में बुकिंग कराने के बावजूद लोग अपनी गाड़ियों की डिलीवरी लेने से बच रहे थे, क्योंकि मलमास के चलते शुभ कार्यों पर विराम लगा हुआ था। बल्लभगढ़ के प्रख्यात महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार, 15 जून को जैसे ही सोमवती अमावस्या के साथ मलमास का समापन होगा, वैसे ही बाजारों में रौनक लौट आएगी। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 17 जून से पवित्र नक्षत्रों का योग बन रहा है, जो नया वाहन घर लाने के लिए सर्वोत्तम माने गए हैं।

जून की ये 7 तारीखें हैं सबसे खास

इस महीने अलग-अलग नक्षत्रों के प्रभाव से 7 बेहद शुभ दिन तैयार हो रहे हैं। इन दिनों में की गई खरीदारी स्थायी और फलदायी मानी जाती है:

17 जून (पुनर्वसु नक्षत्र): नई शुरुआत और स्थायित्व के लिए बेहद शुभ दिन।

19 जून (आश्लेषा नक्षत्र): व्यावसायिक (कमर्शियल) वाहनों की खरीदारी के लिए अनुकूल।

21 जून (पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र): ऐश्वर्य और सुख-सुविधा बढ़ाने वाले वाहनों के लिए श्रेष्ठ।

22 जून (उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र): पारिवारिक कारों और लंबी यात्रा वाली गाड़ियों के लिए उत्तम।

24 जून (चित्रा नक्षत्र): दोपहिया वाहनों (बाइक/स्कूटी) की डिलीवरी के लिए बढ़िया।

27 जून (अनुराधा नक्षत्र): स्थायित्व और सुरक्षित यात्रा का योग बनाने वाला दिन।

29 जून (मूल नक्षत्र): भारी या बड़े कमर्शियल वाहनों के लिए विशेष फलदायी।

नोट: विशेषज्ञों का कहना है कि इन तारीखों के भीतर भी उस दिन के 'राहुकाल' के समय को टालकर ही गाड़ी की डिलीवरी लेनी चाहिए।

हनुमान जी के बाएं चरण का सिंदूर और नींबू-नारियल की परंपरा

गाड़ी शोरूम से बाहर निकालने के बाद उसकी वैदिक पूजा का हमारे यहां बड़ा महत्व है। महंत कामेश्वरानंद बताते हैं कि नई गाड़ी की पूजा के लिए अपने साथ एक नारियल, नींबू, फूल, अक्षत और लड्डुओं का प्रसाद जरूर रखें। यदि संभव हो तो वाहन को सीधे किसी ऐसे हनुमान मंदिर ले जाएं जहां सिंदूर से सज्जित बजरंगबली की प्रतिमा विराजमान हो।

मान्यता है कि हनुमान जी के बाएं चरण (पैर) से सिंदूर लेकर यदि गाड़ी के मुख्य हिस्से पर 'स्वास्तिक' बनाया जाए, तो वाहन पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती। इसके बाद गाड़ी के टायरों के नीचे नींबू रखना और नारियल फोड़ना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का एक पारंपरिक तरीका है।

रफ्तार पर नियंत्रण: भगवान 'गतिमान' का नाम और रामचरितमानस की वो चौपाई

सड़क पर सुरक्षा सिर्फ तकनीकी तौर पर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सतर्कता से भी जुड़ी है। आज के दौर में अधिकांश सड़क हादसे तेज रफ्तार यानी अनियंत्रित 'स्पीड' की वजह से होते हैं। इस संदर्भ में शास्त्र एक अनूठा उपाय बताते हैं। महंत कामेश्वरानंद के मुताबिक, वाहन चलाने से पहले हनुमान जी के साथ-साथ उनके छोटे भाई 'श्री गतिमान' का स्मरण जरूर करना चाहिए, क्योंकि वे गति को नियंत्रित और सुरक्षित रखने वाले देव माने जाते हैं।

इसके अलावा, जब भी आप अपनी गाड़ी की चाबी घुमाएं या स्टार्ट करें, तो रामचरितमानस की इस सिद्ध चौपाई का मन ही मन पाठ करें:

“चलत विमान कोलाहल होई, जय रघुवीर कहत सब कोई।”

मान्यता है कि प्रभु श्री राम के स्मरण की यह ध्वनि आपकी यात्रा के चारों ओर एक सुरक्षा कवच तैयार करती है, जिससे अवांछित दुर्घटनाओं से बचाव होता है। तो यदि आप भी इस जून अपने आंगन में नई सवारी लाने की सोच रहे हैं, तो इन मुहूर्तों और नियमों का ध्यान रखकर अपनी यात्रा को मंगलमय बना सकते हैं।

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