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गर्मियों का देसी सुपरजूस: ठंडे दूध या नींबू पानी में मिलाकर खाएं गोंद कतीरा, पेट की गर्मी होगी छूमंतर

May 26, 2026 2:18 PM

 Gond Katira Benefits Summer: जैसे ही थर्मामीटर का पारा 40 डिग्री के पार जाता है, मानव शरीर में पानी की कमी और अंदरूनी गर्मी बढ़ने लगती है। बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक कोल्ड ड्रिंक्स और प्रिजर्वेटिव युक्त जूस जहां कुछ पलों की राहत देते हैं, वहीं हमारी रसोई में मौजूद गोंद कतीरा एक मुकम्मल और प्राकृतिक इलाज के रूप में सामने आता है। आयुर्वेद में इसे गर्मियों का सबसे बड़ा रक्षक माना गया है। देखने में सूखे और कड़े गोंद के टुकड़ों जैसा दिखने वाला यह पदार्थ जब पानी के संपर्क में आता है, तो फूलकर बर्फ की जेली जैसा पारदर्शी हो जाता है। लेकिन सेहत की इस चाबी को इस्तेमाल करने का भी एक खास सलीका है।

कैसे करें इस्तेमाल? इन 4 चीजों के साथ जमता है बेहतरीन रंग

गोंद कतीरा को अपनी डाइट में शामिल करना बेहद आसान है, बशर्ते आप इसे सही कॉम्बिनेशन के साथ लें। डाइट एक्सपर्ट्स और शेफ इसके चार सबसे लोकप्रिय और असरदार तरीके बताते हैं:

पोषक तत्वों से भरपूर दूध: उबले और पूरी तरह ठंडे किए गए दूध में भीगा हुआ गोंद कतीरा मिलाएं। स्वाद के लिए इसमें थोड़ी पिसी इलायची, बादाम की कतरन और मिश्री मिला लें। यह कॉम्बिनेशन दिनभर की थकान को मिटाने का सबसे बढ़िया जरिया है।

पारंपरिक शरबत और रूह अफजा: गर्मियों की दोपहर में मेहमानों के स्वागत या खुद को रिफ्रेश करने के लिए गुलाब के शरबत या रूह अफजा में एक चम्मच कतीरा जेली डालकर परोसें। यह शरीर के तापमान को तुरंत नियंत्रित करता है।

हाइड्रेटिंग नींबू पानी: अगर आप कैलोरी को लेकर फिक्रमंद हैं, तो सादे नींबू पानी में गोंद कतीरा मिलाकर पिएं। यह न केवल शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखता है, बल्कि वजन घटाने (वेट लॉस) की प्रक्रिया में भी मददगार साबित होता है।

फालूदा और फ्रूट कस्टर्ड: बच्चों को कतीरा खिलाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे कुल्फी, फालूदा या कटे हुए ताजे फलों के ऊपर गार्निशिंग की तरह इस्तेमाल किया जाए। इससे डिश को एक बेहतरीन और क्रीमी टेक्सचर मिलता है।

सेहत को मिलते हैं चौतरफा लाभ; पेट से लेकर वजन तक राहत

गोंद कतीरा का नियमित और सीमित मात्रा में सेवन शरीर की कई दिक्कतों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है:

विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को गर्मियों में बार-बार नाक से खून आने (नकसीर) या हाथ-पैरों में जलन की शिकायत होती है, उनके लिए यह किसी अमृत से कम नहीं है। इसमें मौजूद हाई फाइबर कंटेंट पाचन क्रिया को धीमा करता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती और अनहेल्दी क्रेविंग्स से बचाव होता है।

कब और कितना खाएं? मात्रा का अनुशासन है जरूरी

किसी भी सुपरफूड का फायदा तभी मिलता है जब उसे अनुशासन के साथ खाया जाए। गोंद कतीरा को लेकर भी यही नियम लागू होता है। चूंकि इसकी तासीर बेहद सर्द होती है, इसलिए सूर्य ढलने के बाद या देर शाम इसका सेवन करने से बचना चाहिए, अन्यथा सर्दी-खांसी या जोड़ों में जकड़न की समस्या हो सकती है। इसे दोपहर 3 बजे से पहले खाना सबसे सुरक्षित और असरदार माना जाता है।

वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञों की सलाह: "गोंद कतीरा प्रकृति का एक अनमोल उपहार है, लेकिन अति हर चीज की बुरी होती है। एक दिन में केवल 1 से 2 चम्मच (भीगा हुआ) कतीरा ही लें। साथ ही, जब आप इसका सेवन कर रहे हों, तो दिनभर में पानी पीने की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें, ताकि यह शरीर के भीतर जाकर सुचारू रूप से काम कर सके और आपको कब्ज जैसी समस्या का सामना न करना पड़े।"

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