लू और डिहाइड्रेशन को कहें बाय-बाय, नौतपा की भयंकर गर्मी में शरीर को कूल रखेंगे ये 5 देसी ड्रिंक्स
May 25, 2026 10:30 AM
मई के आखिरी हफ्ते के साथ ही देश के एक बड़े हिस्से में नौतपा ने अपनी धमक दे दी है। जैसा कि नाम से ही साफ है, अगले नौ दिनों तक सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ेंगी, जिससे तापमान आसमान छूने लगेगा। इस मौसम में सिर्फ घर के भीतर रहना ही सुरक्षा की गारंटी नहीं है; असली चुनौती शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित रखने की है। नौतपा के दौरान अस्पताल के ओपीडी (OPD) वॉर्ड्स में अचानक उल्टी, दस्त, चक्कर आने और लू लगने के मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। डॉक्टरों का साफ कहना है कि इस मौसम में आपकी जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए अगले नौ दिनों तक आपकी थाली और पानी पीने का तरीका बिल्कुल बदल जाना चाहिए।
सुबह की ठंडी शुरुआत: कैफीन को कहें अलविदा, अपनाएं देसी ड्रिंक्स
आमतौर पर हमारी सुबह चाय या कॉफी की चुस्कियों के साथ होती है, लेकिन नौतपा के दिनों में यह आदत एसिडिटी और शरीर में पानी की कमी का सबसे बड़ा कारण बनती है। इस मौसम में दिन की शुरुआत खाली पेट सादे पानी, नींबू-पानी या ताजे नारियल पानी से करनी चाहिए। अगर आप आयुर्वेद की मानें, तो रात भर पानी में भीगे हुए सौंफ का पानी या चिया सीड्स (सबजा के बीज) का पानी सुबह पीना पेट को अंदरूनी ठंडक देता है। यह न सिर्फ आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, बल्कि दिनभर चलने वाली गर्म हवाओं के खिलाफ शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है।
दोपहर की थाली हो बिल्कुल हल्की, तरबूज-खरबूजा और छाछ को बनाएं हथियार
नौतपा के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी दोपहर के भोजन में बरतने की जरूरत है। दोपहर में कड़ाही से उतरी गरम-गरम पूड़ियां या ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना खाने की भूल कतई न करें। इस समय हल्का भोजन जैसे पतली चपाती, मूंग की दाल और हरी सब्जियां (लौकी, तोरई, कद्दू) ही सर्वोत्तम हैं। भोजन के साथ या बाद में एक गिलास छाछ, जिसमें भुना हुआ जीरा और काला नमक मिला हो, अमृत के समान काम करता है। इसके अलावा, बाजार में मिलने वाली रंग-बिरंगी कोल्ड ड्रिंक्स के झांसे में आने के बजाय उत्तर भारत के पारंपरिक सत्तू का घोल या बेल का शरबत पिएं। दोपहर के वक्त तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे फलों का सेवन शरीर में पानी का स्तर (Hydration Level) कभी कम नहीं होने देता।
शाम का स्नैक्स और रात का डिनर: सूरज ढलने के बाद भी जरूरी है एहतियात
अक्सर लोग सोचते हैं कि सूरज ढलने के बाद गर्मी का असर कम हो जाता है, इसलिए रात में भारी भोजन किया जा सकता है, लेकिन यह धारणा बिल्कुल गलत है। नौतपा में रातें भी काफी गर्म और उमस भरी होती हैं। ऐसे में शाम के समय समोसे-कचौड़ी जैसे भारी स्नैक्स की जगह फ्रूट सलाद या अंकुरित अनाज खाना बेहतर विकल्प है। रात का खाना जितना जल्दी और हल्का हो सके, उतना अच्छा है। देर रात हैवी डिनर करने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे नींद न आना, बेचैनी और शरीर में आंतरिक गर्मी बढ़ने जैसी शिकायतें होने लगती हैं।
इन चीजों से तुरंत बना लें दूरी, बासी खाने से बचें
नौतपा के इस दौर में स्ट्रीट फूड, चाट-पकौड़े, चाइनीज फास्ट फूड और अत्यधिक लाल मिर्च वाले भोजन से पूरी तरह तौबा कर लेनी चाहिए। ये चीजें पेट में जाते ही शरीर का तापमान बढ़ा देती हैं और ज्यादा प्यास लगने का कारण बनती हैं। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि इस भयंकर गर्मी में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं, इसलिए बाहर का खुला या बासी खाना खाने से बचें, क्योंकि यह सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग और आंतों के संक्रमण को दावत देता है। अगर आप अगले नौ दिनों तक अपनी जीभ पर थोड़ा कंट्रोल रखकर एक संतुलित और हाइड्रेटेड रूटीन फॉलो करते हैं, तो नौतपा की यह भीषण तपिश भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।