सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री के रूप शपथ ग्रहण के मुद्दे से शरद पवार ने खुद को अलग करते हुए कहा- शपथ को लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं
Jan 31, 2026 6:48 AM
बारामती: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उन्हें अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं है। बारामती में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि इस संबंध में न तो उनसे कोई चर्चा की गई और न ही उन्हें किसी औपचारिक सूचना से अवगत कराया गया।
“हमें खबरों से पता चला” – शरद पवार
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शरद पवार ने कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण की संभावित तारीख या कार्यक्रम के बारे में मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए जानकारी मिली है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि न तो उन्हें यह पता है कि शपथ ग्रहण कब होना है और न ही यह कि आज ऐसा कोई कार्यक्रम निर्धारित है।
फैसला राकांपा ने लिया होगा
शरद पवार ने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अपने स्तर पर लिया होगा। उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनसे किसी तरह का विचार-विमर्श नहीं किया गया और न ही उनकी सहमति ली गई। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के नाम सामने आए हैं, जिससे लगता है कि यह पहल पार्टी के भीतर ही की गई होगी।
सत्ता पक्ष की मजबूरी का संकेत
राकांपा (शप) प्रमुख ने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ दल को संभवतः यह महसूस हुआ होगा कि अजित पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री पद खाली नहीं रहना चाहिए और किसी को यह जिम्मेदारी संभालनी होगी। इसी सोच के तहत सुनेत्रा पवार के नाम पर विचार किया गया होगा।
अजित पवार की इच्छा थी पार्टी एकजुट करना
शरद पवार ने कहा कि उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार की इच्छा राकांपा के दोनों गुटों को एकजुट करने की थी। उन्होंने बताया कि इस दिशा में बातचीत भी चल रही थी और वे इसे लेकर आशावादी थे। उनके अनुसार, अजित पवार और राकांपा (शप) के नेता जयंत पाटिल पिछले चार महीनों से इस मुद्दे पर लगातार संवाद कर रहे थे।
12 फरवरी को होनी थी विलय की घोषणा
शरद पवार ने खुलासा किया कि दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर अंतिम निर्णय की घोषणा 12 फरवरी को की जानी थी। यह तारीख स्वयं अजित पवार ने तय की थी, लेकिन 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे ने इस पूरी प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया।
“अब हमें आगे की राह तय करनी होगी”
भावुक होते हुए शरद पवार ने कहा कि अजित पवार को वापस नहीं लाया जा सकता और यह परिवार व पार्टी दोनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि अब मौजूदा परिस्थितियों में आगे क्या कदम उठाए जाएं, इस पर सभी को मिलकर विचार करना होगा।
विश्वास में लेने के सवाल पर सख्त जवाब
जब उनसे पूछा गया कि क्या सुनेत्रा पवार का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित करने से पहले उन्हें विश्वास में लिया गया था, तो शरद पवार ने दो टूक कहा, “किस तरह का विश्वास? उनकी पार्टी अलग है और हमारी पार्टी अलग है।” इस बयान से साफ संकेत मिला कि दोनों गुटों के बीच अभी भी औपचारिक दूरी बनी हुई है।
भाजपा की भूमिका से किया इनकार
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की किसी भी तरह की भूमिका या हस्तक्षेप की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
विमान हादसे पर अटकलों को किया खारिज
अजित पवार के विमान हादसे को लेकर चल रही अटकलों पर शरद पवार ने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।