- by Vinita Kohli
- Jan, 16, 2026 09:02
बारामती: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राकांपा नेता अजित पवार का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को पुणे जिले के बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस अवसर पर उपस्थित रहे। अंतिम संस्कार समारोह बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में आयोजित किया गया, जहां हजारों लोग शोक व्यक्त करने के लिए एकत्रित हुए। पवार के पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर उनके गांव काटेवाडी से विद्या प्रतिष्ठान मैदान तक लाया गया, और लोगों ने ‘‘अजित दादा अमर रहे’’ के नारों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार में परिवार समेत नेताओं की मौजूदगी
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार, जो राज्यसभा सदस्य हैं, और उनके बेटे पार्थ तथा जय भी अंतिम संस्कार में मौजूद थे। बारामती से लोकसभा सदस्य और अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुळे के साथ ही राकांपा के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशीलकुमार शिंदे, आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश सहित कई अन्य नेता भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
पार्थ और जय ने दी मुखाग्नि
अजित पवार के बेटे पार्थ और जय ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने शोक व्यक्त किया। पवार का पार्थिव शरीर पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी अस्पताल से उनके गांव लाया गया।
विमान दुर्घटना की जांच
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, पवार का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में दुर्घटनावश मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है। सरकार के बयान के अनुसार, सुबह खराब दृश्यता के कारण विमान को उतरने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, विमान ने हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) को कोई ‘रीड-बैक’ या प्रतिक्रिया नहीं दी और रनवे के किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नागर विमानन मंत्रालय ने बताया कि विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद कर लिया गया है। जांच अभी जारी है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके।
शोक और श्रद्धांजलि का भाव
अजित पवार के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान, हजारों नागरिकों की उपस्थिति और देश के उच्च नेताओं की मौजूदगी ने उनकी राजनीतिक और सामाजिक सेवाओं को यादगार बना दिया। पूरे राज्य में उनकी मृत्यु को अचानक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया गया।