- by Vinita Kohli
- Jan, 16, 2026 09:02
पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहे चार्टर्ड विमान हादसे को लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय बारामती हवाई अड्डे पर दृश्यता बहुत कम थी, जिसकी वजह से लैंडिंग में परेशानी आई। प्रारंभिक जानकारी में यही बात सामने आई है। बुधवार सुबह बारामती हवाई अड्डे पर यह दुखद हादसा हुआ, जिसमें अजित पवार सहित विमान में सवार कुल पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अजित पवार के अलावा विमान के चालक दल के दो सदस्य और अन्य सुरक्षाकर्मी शामिल थे। इस हादसे से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई हैं और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और हर पहलू की बारीकी से पड़ताल होगी।
मंत्री नायडू के अनुसार, जब विमान पहली बार बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तब हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) ने पायलट से पूछा कि क्या रनवे दिखाई दे रहा है। इस पर पायलट ने ‘नहीं’ में जवाब दिया। इसके बाद विमान को हवा में ही एक चक्कर लगाने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान एटीसी ने दोबारा पायलट से रनवे की दृश्यता के बारे में पूछा, जिस पर पायलट ने सकारात्मक जवाब दिया। इसके बाद एटीसी ने लैंडिंग की अनुमति दी, लेकिन उसी दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस हादसे से जुड़ी और जानकारी इकट्ठा की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के सही कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं करेगी। इस बीच, के. राममोहन नायडू और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली से पुणे रवाना हो गए हैं। राज्य और केंद्र स्तर पर नेता, अधिकारी और आम लोग इस हादसे पर गहरा दुख जता रहे हैं।