Chandigarh Farmer Protest: चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने रोका, बैरिकेड पर हुई धक्का-मुक्की
चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ रहे किसानों को पुलिस ने रोका
Chandigarh Farmer Protest: चंडीगढ़ में बुधवार को अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर किसानों ने भाजपा कार्यालय की ओर मार्च निकाला। सेक्टर-35 स्थित किसान भवन से निकले किसान जैसे ही आगे बढ़े, पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड के पास उन्हें रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और हल्की झड़प हुई। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पंजाब के अलग-अलग जिलों से पहुंचे किसान संगठनों के सदस्य भाजपा कार्यालय तक पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेड के पास ही बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
एफटीए के विरोध में देशभर में एसकेएम का प्रदर्शन
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को देश के कई हिस्सों में विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए। तय कार्यक्रम के तहत दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक कई स्थानों पर टोल प्लाजा को निशुल्क कराने की घोषणा की गई थी। जिन जिलों में टोल प्लाजा नहीं थे, वहां भाजपा कार्यालयों और पार्टी नेताओं के आवासों के बाहर प्रदर्शन का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में चंडीगढ़ में भी किसान संगठनों ने सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय का घेराव करने की योजना बनाई थी।
किसान नेताओं ने हिरासत और रोकने पर जताई आपत्ति
किसान नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें भाजपा कार्यालय तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में रोक दिया। उनका कहना है कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। प्रदर्शनकारी नेताओं के मुताबिक प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को मौके पर बुलाकर उनका मांगपत्र दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, किसान नेताओं ने इस प्रस्ताव को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण उनकी मांगों पर सीधे केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी, यातायात भी प्रभावित
प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने किसान मार्च के मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेड तैनात किए थे। कुछ समय के लिए आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित रहा और पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला। प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने। वहीं, किसान संगठनों ने कहा कि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने तक विरोध जारी रहेगा।
