Haryana Weather: 27 से 30 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी, जानिए अपने जिले का हाल
अब IMD ने दी 16 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी
Haryana Weather: हरियाणा में बीते कुछ दिनों से रुका मानसूनी चक्र एक बार फिर पूरे शबाब पर आने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। विशेषकर 27 से 30 जुलाई के दौरान कई जिलों में मूसलाधार बारिश को लेकर प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
27 जुलाई से दिखेगा मानसून का प्रचंड रूप
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 25 और 26 जुलाई को राज्य के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ेंगी। हालांकि मानसूनी हवाओं का असली असर 27 जुलाई से नजर आएगा, जब राज्य के ज्यादातर हिस्से बादलों की आगोश में होंगे। मौसम में आने वाले इस बदलाव से प्रदेश भर में तापमान में गिरावट आएगी और उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।
ट्रफ रेखा और बंगाल की खाड़ी का गणित
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन लाल खिचड़ ने बताया कि फिलहाल मानसूनी ट्रफ मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपर सक्रिय है। इसका एक सिरा राजस्थान की ओर बढ़ा हुआ है, जिसके चलते बीते दो दिनों में हरियाणा में बारिश की रफ्तार थमी रही। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का मजबूत क्षेत्र न बनने के कारण मानसूनी हवाएं प्रदेश तक सही गति से नहीं पहुंच पा रही थीं।
इन 16 जिलों में गरजेंगे बदरा
मौसम विभाग ने उत्तर से लेकर दक्षिण हरियाणा तक के 16 जिलों में बारिश का दौर तेज होने का अनुमान जताया है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत, पानीपत और कैथल में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और रोहतक में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं।
28 फीसदी बारिश की कमी से किसान चिंतित
राज्य में मानसून की सुस्ती का असर आंकड़ों में साफ दिख रहा है। 1 जून से अब तक प्रदेश में महज 120.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 167.9 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। आईएमडी चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार राज्य में मानसून का कोटा अभी तक 28 फीसदी कम रहा है, जिससे धान की रोपाई कर चुके किसानों की चिंता बढ़ गई थी।
धान और सब्जियों की खेती पर असर, वैज्ञानिकों ने दी सलाह
कम बारिश के असर को देखते हुए डॉ. मदन लाल खिचड़ ने किसानों को खेत में जरूरत के अनुसार पानी का प्रबंधन बनाए रखने को कहा है। उन्होंने सलाह दी है कि जिन इलाकों में अब तक कम वर्षा हुई है, वहां धान की फसल में नमी बनाए रखने के लिए बीच-बीच में पानी देते रहें। इसके साथ ही सब्जियों और फलदार पौधों में भी आवश्यकतानुसार ही हल्की सिंचाई करें ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।
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