Panipat News: गुस्से ने ली 26 साल के गौरव की जान, दरवाजे के कांच से कटी हाथ की नस

गुस्से ने ली 26 साल के गौरव की जान, दरवाजे के कांच से कटी हाथ की नस
Panipat News: पानीपत के पटेल नगर इलाके में रविवार तड़के गुस्से के आवेश में एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। पत्नी के साथ हुई मामूली कहासुनी के बाद आपा खो बैठे 26 वर्षीय युवक ने घर के दरवाजे पर लगे शीशे पर पूरी ताकत से दोनों हाथ मार दिए।
शीशा टूटकर चकनाचूर हो गया और उसके गहरे कांच हाथ में धंसने से मुख्य नस कट गई। देखते ही देखते शरीर से इतना खून बह गया कि युवक जमीन पर अचेत होकर गिर पड़ा। परिजन जब तक उसे संभालकर अस्पताल पहुंचाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
जमीन पर बिखरा था खून, तड़के 7:30 बजे पुलिस को मिली सूचना
घटना की सूचना मिलने के बाद जब तहसील कैंप थाना पुलिस की टीम मौके पर जांच के लिए पहुंची तो घर का मंजर देखकर हर कोई सन्न रह गया। दरवाजे का शीशा टूटा हुआ था और पूरे फर्श समेत दरवाजों पर खून के गहरे निशान मौजूद थे।
तहसील कैंप थाना पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब 7:30 बजे उन्हें सिविल अस्पताल से सूचना प्राप्त हुई थी कि पटेल नगर निवासी गौरव को परिजन मृत अवस्था में अस्पताल लेकर आए हैं। इसके बाद पुलिस टीम तुरंत अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
क्षणिक गुस्सा और कट गई नस
प्राथमिक जांच और परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि घटना से कुछ ही देर पहले गौरव और उसकी पत्नी के बीच किसी पारिवारिक बात को लेकर बहस शुरू हुई थी।
विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना बढ़ गया कि गौरव बेहद उग्र हो गया और उसने गुस्से में आकर दरवाजे के शीशे पर सीधे हाथ दे मारे। कांच टूटते ही नुकीले टुकड़ों से उसके हाथ की नसें कट गईं। घाव इतना गहरा था कि खून का रिसाव बंद नहीं हुआ। परिजन और पड़ोसी तुरंत उसे सरकारी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन रास्ते में ही अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से उसकी सांसें थम चुकी थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए तहसील कैंप थाना प्रभारी (SI) बंसी लाल ने बताया कि पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भिजवा दिया है। फिलहाल परिजनों और आसपास के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इत्तेफाकिया (हादसा) कार्रवाई की है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों की अंतिम बयानों के आधार पर ही मामले में आगे की कानूनी दिशा तय की जाएगी।
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