नई दिल्ली: राज्यसभा में शुक्रवार को आम आदर्मी पार्टी के एक सांसद ने मानव तस्करी करने वाले नेटवर्क द्वारा लड़कियों को खाड़ी देशों में भेजने और उनके साथ शारीरिक शोषण एवं अमानवीय व्यवहार किए जाने के मामलों पर चिंता जताते हुए मांग की कि ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए आम आदमी पार्टी के संत बलवीर सिंह ने कहा कि रोजी-रोटी के खातिर हर साल लाखों भारतीय विदेश जाते हैं तथा वहां मेहनत करके देश का नाम ऊंचा करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपने इलाके के विकास के लिए बड़ा योगदान देते हैं।
कुछ ट्रैवल एजेंटों ने मानव तस्करी का बनाया नेटवर्क
उन्होंने कहा कि भारतीय विशेषकर पंजाबियों की विदेश जाने की इस चाहत को देखते हुए कुछ ट्रैवल एजेंटों ने मानव तस्करी का एक नेटवर्क बनाया हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग गरीब लड़कियों को अपना निशाना बनाते हैं तथा खाड़ी देशों में बेचने का काम करते हैं। सिंह ने कहा कि ओमान, इराक से लेकर मुंबई तक ऐसी 135 लड़कियों को भारतीय दूतावास की मदद से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी लड़कियों को पर्यटन वीजा पर लेकर जाया जाता है और वहां उनके साथ अरबी भाषा में करार किया जाता है एवं उनका शारीरिक शोषण किया जाता है।
मानव तस्करी के नेटवर्क से सख्ती के साथ निपटा जाना चाहिए
उन्होंने कहा कि ऐसी पीड़िताओं के परिवार बुरी तरह परेशान होते हैं किंतु उनकी कोई नहीं सुनता है। आप सदस्य ने कहा कि ऐसी चार लड़कियों को छुड़ाकर वापस लाया गया और उन्होंने अपनी आपबीती सुनायी। सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले मानव तस्करी के इस नेटवर्क से सख्ती के साथ निपटा जाना चाहिए। उन्होंने रूस एवं यूक्रेन के युद्ध में भारत से गये युवाओं को झोंक दिये जाने के मुद्दे पर भी चिंता जतायी।