Search

Anil Vij Statement CJP: अनिल विज का CJP पर तीखा तंज: बोले- 'कॉकरोच' को तो बच्चा भी चप्पल से कुचल देता है, नाम बदलो

Jun 07, 2026 2:26 PM

हरियाणा। हरियाणा की राजनीति में अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर वरिष्ठ भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' को आड़े हाथों लिया है। मीडिया से मुखातिब होते हुए विज ने कहा, "प्रजातंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने और आंदोलन करने का पूरा हक है, लेकिन किसी संगठन का नाम ऐसा होना चाहिए जो समाज में सकारात्मक संदेश दे। कॉकरोच तो एक बेहद गंदा कीट है, जिसे देखकर घर का छोटा बच्चा भी चप्पल से कुचल देता है।" उन्होंने मजाकिया और तंजिया लहजे में कहा कि इस पार्टी को राजनीति करनी है तो सबसे पहले अपना नाम बदलना चाहिए।

कांग्रेस को 'छपास रोग', चर्चा से भागने का लगाया आरोप

इस दौरान अनिल विज ने हरियाणा विधानसभा सत्र न बुलाए जाने को लेकर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर भी करारा पलटवार किया। विज ने कहा कि कांग्रेस के पास अब जनहित का कोई मुद्दा नहीं बचा है, वे केवल 'छपास रोग' यानी मीडिया में सुर्खियां बटोरने की बीमारी से पीड़ित हैं। विज के मुताबिक, जब सदन चलता है तो कांग्रेस के नेता चर्चा से भागते हैं और सरकार के जवाब देते ही वॉकआउट कर जाते हैं। कुरुक्षेत्र में सांसद दीपेंद्र हुड्डा की कथित गिरफ्तारी पर उन्होंने साफ किया कि कानून-व्यवस्था संभालना एजेंसियों का काम है और जनता कांग्रेस के इन सियासी ड्रामों को बखूबी समझती है।

कैसे अस्तित्व में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी'?

दरअसल, इस पार्टी के गठन की कहानी बड़ी दिलचस्प है। 15 मई को देश के माननीय न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि कुछ युवा 'कॉकरोच की तरह भटक रहे हैं।' इस बयान को आधार बनाकर 16 मई को प्रवासी भारतीय अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नाम से अकाउंट्स बना दिए। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर युवाओं का ऐसा हुजूम जुड़ा कि महज चार दिनों में इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 66 लाख पार कर गई। डिजिटल मोर्चे पर मजबूत होते ही पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए एक ऑनलाइन याचिका (पिटीशन) जारी की, जिस पर 8 लाख से ज्यादा लोगों ने दस्तखत किए हैं।

जंतर-मंतर पर हुंकार और आगे की चेतावनी

वर्चुअल दुनिया से निकलकर शनिवार को सीजेपी ने जमीनी स्तर पर अपनी ताकत दिखाई। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 7,000 युवाओं ने हिस्सा लिया। रविवार को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (वालुज) स्थित अपने घर पहुंचे पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, "यह आंदोलन देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी एक पीढ़ी के साथ अन्याय किया है। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो 13 जून को देशव्यापी स्तर पर इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।"

You may also like:

Please Login to comment in the post!