नई दिल्ली: लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने मांग की कि केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाए। विपक्ष का कहना था कि बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा शुरू होने से पहले विपक्ष की आवाज़ को सुना जाना चाहिए। उन्होंने आसन से अनुरोध किया कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाए ताकि सदन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी हो सके। कांग्रेस का यह भी कहना था कि सांसदों की आवाज़ दबाई नहीं जा सकती और संसद में सभी सदस्यों को बोलने का समान अधिकार है।
आसन ने फिलहाल अनुमति नहीं दी और विवाद बढ़ा
पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि उनके पास मौजूद विधायी कार्यसूची के अनुसार अभी बजट पर चर्चा निर्धारित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। विपक्ष की मांग पर आसन ने तुरंत अनुमति नहीं दी, जिसके कारण सदन में शोर-शराबा और नोकझोंक बढ़ गई। कांग्रेस के सदस्य आसन के पास आकर लगातार बोलने की मांग कर रहे थे और नेता प्रतिपक्ष के अधिकार का हवाला दे रहे थे। इस दौरान सदन में हंगामा बढ़ता गया और कार्यवाही स्थगित करने की स्थिति पैदा हो गई।
राहुल गांधी ने अपनी इच्छा जताई
जैसे ही बजट चर्चा के पहले वक्ता के रूप में कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम पुकारा गया, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खड़े होकर सदन में बोलने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें पहले बोलने की अनुमति देने की बात कही थी। विपक्ष ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष की आवाज़ का मामला है। थरूर ने भी समर्थन किया और कहा कि उनके बाद चर्चा होनी चाहिए, लेकिन आसन ने फिलहाल इसे अनुमति नहीं दी।
सदन में गतिरोध और नारेबाजी
अध्यक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बहस चलती रही। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्य जोर देकर कह रहे थे कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाना चाहिए। थरूर ने भी कहा कि पहले राहुल गांधी को बोलने दिया जाए। इसके बावजूद जब आसन ने अनुमति नहीं दी, तो सदन में शोर-शराबा बढ़ गया। विपक्षी सदस्य आसन के पास आए और लगातार नारेबाजी की। इस कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
पीठासीन सभापति ने दोपहर 12 बजकर सात मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले भी हंगामे की वजह से प्रश्नकाल नहीं चल सका था और बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही स्थगन करना पड़ा था। अध्यक्ष ने कहा कि सभी सांसदों को उनका निर्धारित समय मिलेगा और बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष सहित सभी को बोलने का अवसर दिया जाएगा।
अध्यक्ष ने विपक्ष से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से अपील की कि सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सांसदों का समय होता है और इस दौरान सदन में नारेबाजी या अराजकता नहीं होनी चाहिए। सभी सांसदों को नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार बोलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शून्यकाल या बजट चर्चा में हर सदस्य अपनी बात रख सकेगा।