नई दिल्ली: संसद के मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किए गए लोकसभा के आठ सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इन सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार के समीप एकत्र होकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए।
बैनर के जरिए जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान सांसदों के हाथों में एक बड़ा बैनर था, जिस पर अंग्रेज़ी में लिखा था— “यू कैन सस्पेंड अस, बट यू कैन नॉट साइलेंस अस” (आप हमें निलंबित कर सकते हैं, लेकिन हमारी आवाज़ नहीं दबा सकते)। इसके जरिए सांसदों ने सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
सदन में कागज फेंकने पर हुआ निलंबन
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान आसन की ओर कागज फेंकने के आरोप में विपक्ष के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद से ही विपक्षी दल सरकार के इस कदम को अलोकतांत्रिक बताते हुए विरोध जता रहे हैं।
निलंबित सांसदों की सूची
निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं, जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से एस. वेंकटेशन भी निलंबित सांसदों में शामिल हैं।
लोकतंत्र पर हमले का आरोप
प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है और संसद में सवाल उठाने पर इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।