नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी आयात शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। सीतारमण ने कहा कि मेरी अपेक्षा है कि अब हमारा निर्यात बढ़ेगा। इसके साथ-साथ जिन नए बाजारों तक हमारे निर्यात की पहुंच बनी है, वहां पर भी उनकी गतिविधियां जारी रहेंगी। सीतारमण ने कहा कि इस समझौते का विस्तृत विवरण जल्द घोषित किया जाएगा, लेकिन शुल्क में की गई कटौती निर्यातकों के लिए एक ‘शुभ संकेत’ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में गैर-प्रतिस्पर्धी होने के बाद निर्यातकों द्वारा तलाशे गए नए बाजारों के साथ मिलकर इस फैसले से निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने अमेरिकी शुल्क कटौती के फैसले को बताया शुभ संकेत
उन्होंने कहा कि शुल्क में कटौती से भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होगी और निर्यातकों पर दबाव कम होगा। पिछले वर्ष अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत के ऊंचे शुल्क से भारतीय निर्यात प्रभावित हुआ था। इससे अमेरिका में भारतीय उत्पादों की लागत बढ़ गई, निर्यातकों के मार्जिन घटे और प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ गई थी। खासकर इस्पात, एल्युमिनियम, वस्त्र, इंजीनियरिंग वस्तुओं और कुछ कृषि उत्पादों पर इसका विशेष असर पड़ा था। इस वजह से कई अमेरिकी आयातकों ने आपूर्ति के लिए दूसरे विकल्पों की तरफ रुख कर लिया था।
एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च के मुताबिक, पहले लगाए गए दंडात्मक शुल्कों के कारण अमेरिका के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार अधिशेष सितंबर-दिसंबर, 2025 के दौरान औसतन 2.5 अरब डॉलर प्रति माह घट गया था। कमजोर निवेश धारणा के बीच जुलाई, 2025 से अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 14 अरब डॉलर की निकासी भी की। संशोधित 18 प्रतिशत शुल्क वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रमुख क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों पर लगाए गए 20 प्रतिशत शुल्क से कम है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारत की मूल्य प्रतिस्पर्धात्मकता बहाल होने की संभावना है।
इस कदम से परिधान, फुटवियर और आभूषण जैसे श्रम-बहुल निर्यात क्षेत्रों को खासी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और ऑर्डर प्रवाह अगस्त में लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इससे पहले दिन में सीतारमण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में शुल्क कटौती की घोषणा को ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए अच्छी खबर बताते हुए कहा था कि अब इन पर 18 प्रतिशत का घटा हुआ शुल्क लगेगा।