August 2, 2026

Rajasthan News: पाली के निजी स्कूल में सनसनीखेज घटना, आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों को मिला फंदे पर लटका शव

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Rajasthan News: पाली के निजी स्कूल में सनसनीखेज घटना, आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों को मिला फंदे पर लटका शव

राजस्थान में पाली के एक प्राइवेट स्कूल में युवक ने फंदे से लटकरआत्महत्या की

Rajasthan News: राजस्थान के पाली जिले में गुरुवार सुबह एक निजी स्कूल से धुआं उठने की सूचना मिलने पर पहुंचे दमकलकर्मियों को एक चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। स्कूल के रिकॉर्ड रूम में लगी आग पर काबू पाने के दौरान उन्हें हॉल में लोहे की रेलिंग से एक युवक का शव फंदे पर लटका हुआ मिला। घटना टैगोर नगर क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल की है। सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की पहचान 30 वर्षीय राघवेन्द्र पुत्र एसएन शर्मा के रूप में हुई है, जो स्कूल में कार्यालय संबंधी कार्य देखता था।

स्थानीय लोगों ने सुबह स्कूल परिसर से धुआं उठता देखा। इसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग को सूचना दी। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल की बिजली सप्लाई तत्काल बंद कर दी गई। दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग लगी हुई है। दमकलकर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ समय बाद आग पर नियंत्रण पा लिया। हालांकि तब तक रिकॉर्ड रूम में रखा सामान, महत्वपूर्ण दस्तावेज और वहां स्थापित डीवीआर पूरी तरह जल चुके थे। आग के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

आग बुझाने के दौरान मिला युवक का शव
जब दमकलकर्मी स्कूल के अन्य हिस्सों की जांच कर रहे थे, तब उनकी नजर स्कूल के हॉल में लगी लोहे की रेलिंग पर पड़ी। वहां एक युवक फंदे से लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखकर फायर कर्मियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कोतवाली थाने के एएसआई जगदीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए और जांच शुरू कर दी गई।

20 पेज का सुसाइड नोट मिला
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल से करीब 20 पेज का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। पुलिस ने नोट को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नोट की सामग्री की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और उसमें लिखे तथ्यों का सत्यापन कर रही है। जांच अधिकारी मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि राघवेन्द्र पहले स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य करता था। बाद में उसे कार्यालय संबंधी जिम्मेदारियां दी गई थीं। वह पिछले छह से सात वर्षों से इसी संस्थान से जुड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच वह दोबारा स्कूल पहुंचा था। उसने स्कूल स्टाफ को बताया था कि वह रात में स्कूल परिसर में ही रुकेगा और वहीं सोएगा। इसके बाद सुबह तक वह किसी के संपर्क में नहीं आया।

गुरुवार सुबह राघवेन्द्र की पत्नी ने उसे कई बार फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद वह स्कूल पहुंची। स्कूल परिसर के आसपास पहुंचने पर उसने धुआं उठता देखा और आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी। इसी सूचना के बाद दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के दौरान ही पूरे मामले का खुलासा हुआ। घटना के बाद स्कूल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।

परिवार में इकलौता बेटा था राघवेन्द्र
राघवेन्द्र चार बहनों का इकलौता भाई था। उसके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार टैगोर नगर क्षेत्र में रहता है। परिजनों ने बताया कि उसके पिता बैंक से सेवानिवृत्त थे और उनका पहले ही निधन हो चुका है। घटना की सूचना मिलने पर मृतक की मां और पत्नी मौके पर पहुंचीं। शव देखकर दोनों की हालत बिगड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया।

पाली पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि रिकॉर्ड रूम में लगी आग और आत्महत्या की घटना के बीच कोई संबंध है या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आग दुर्घटनावश लगी या किसी ने जानबूझकर आग लगाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और सुसाइड नोट के विश्लेषण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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