Rajasthan Weather Update: राजस्थान में आज भारी बारिश का अलर्ट, नदियां उफान पर, कोटा की चेचट टनल में 3 फीट पानी

राजस्थान में आज भारी बारिश का अलर्
Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून ने पिछले दो दिनों में जोर पकड़ा है। पूर्वी राजस्थान के झालावाड़, दौसा, प्रतापगढ़, अलवर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर समेत कई जिलों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक आज कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है, जबकि इसके बाद मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं।
प्रदेश में दो दिन में औसतन 20 मिमी बारिश दर्ज हुई है। अब तक 272.49 मिमी के सामान्य आंकड़े के मुकाबले 242.63 मिमी बारिश हुई है, यानी मानसून की बारिश अभी सामान्य से 10.96% पीछे चल रही है।
पूर्वी राजस्थान में बारिश ने बिगाड़े हालात
झालावाड़, दौसा, प्रतापगढ़, अलवर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर में 2 से 3 इंच तक बारिश हुई। बूंदी में महज दो घंटे में 5.16 इंच पानी बरसा, जिससे नवलसागर झील लबालब हो गई।
तेज बारिश के बाद परवन नदी में उफान आ गया। इसके चलते बारां–झालावाड़ मार्ग करीब 15 घंटे तक प्रभावित रहा। चंबल नदी में पानी बढ़ने से झरेर पुल पर ओवरफ्लो की स्थिति बनी और सवाई माधोपुर–खातौली मार्ग भी बाधित हुआ।
डीडवाना–कुचामन जिले के नावां में बाइक सवारों पर बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के बीच स्थानीय लोगों के लिए नदी–नालों और खुले इलाकों में अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो गई है।
आज कोटा–उदयपुर में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ बीकानेर, दतिया और उत्तरी मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव वाले सिस्टम से होते हुए डालटनगंज और बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसी सिस्टम के प्रभाव से कोटा और उदयपुर संभाग के जिलों में आज कहीं–कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है।
कम दबाव का क्षेत्र मध्य प्रदेश के उत्तर–पश्चिमी हिस्सों के ऊपर बना हुआ है। मानसून ट्रफ बीकानेर और इस कम दबाव वाले क्षेत्र से होकर गुजर रही है, जिसके चलते झालावाड़ में भारी बारिश तथा बूंदी और कोटा में अति भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है।
बांसवाड़ा और डीडवाना में भी कहीं–कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम की यह स्थिति सड़क यातायात, निचले इलाकों और नदी–नालों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है।
सात संभागों में सिर्फ बीकानेर की स्थिति बेहतर
राजस्थान में लगातार बारिश के बावजूद पूरे प्रदेश में मानसून का वितरण एक जैसा नहीं है। सात संभागों में केवल बीकानेर संभाग ऐसा है, जहां चार में से तीन जिलों में औसत से ज्यादा मानसूनी बारिश दर्ज हुई है।
बीकानेर संभाग में औसत से 16.80% ज्यादा बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, सबसे ज्यादा बारिश वाले माने जा रहे कोटा और उदयपुर संभाग में अभी भी सामान्य से 15 से 26% तक कम बारिश हुई है।
प्रदेश के अब तक के आंकड़ों के मुताबिक 7 जिलों में औसत से ज्यादा, 18 जिलों में सामान्य और 16 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल इसी अवधि तक राजस्थान में 410.76 मिमी बारिश हो चुकी थी।
1100 करोड़ की चेचट टनल में 3 फीट पानी
कोटा में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस–वे पर मुकंदरा टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली चेचट टनल में भारी बारिश के बाद पानी भरने की बात सामने आई है। करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस 8-लेन टनल में पानी करीब 3 फीट तक पहुंचने और दीवारों से पानी की धार निकलने की जानकारी दी गई है।
टनल के भीतर पानी निकालने के लिए ड्रेनेज सिस्टम और पंप लगाए गए हैं, लेकिन बारिश के दौरान इनके अपेक्षित तरीके से काम नहीं करने की बात सामने आई। विशेषज्ञों ने इसकी संभावित वजह वाटरप्रूफिंग मेम्ब्रेन या जियो–टेक्सटाइल लेयर में कमी और बरसाती पानी का सही आकलन किए बिना ड्रेनेज क्षमता तय करना बताया है।
यह स्थिति इसलिए भी अहम है क्योंकि टनल जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में जल निकासी सीधे यातायात सुरक्षा से जुड़ी होती है। अगर बारिश के दौरान पानी लगातार जमा होता है तो वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ टनल में सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकता है।
13 अगस्त से मानसून कमजोर पड़ने के आसार
मौसम की मौजूदा गतिविधि के बाद 13 अगस्त से राजस्थान में मानसून के कुछ कमजोर पड़ने के संकेत हैं। हालांकि आज दक्षिण–पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का असर बना रह सकता है।
ऐसे में कोटा, बूंदी, झालावाड़, उदयपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी–नालों, पुलों और जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतनी होगी। अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीण और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
