NEET-UG 2026 रद्द होने पर राजस्थान में कांग्रेस का प्रदर्शन: NTA के खिलाफ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा
May 13, 2026 2:04 PMNEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद राजस्थान में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने बुधवार को राज्य के कई जिलों में केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। सीकर, उदयपुर, भीलवाड़ा और अजमेर समेत कई शहरों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले फूंके और NTA को भंग करने की मांग उठाई। NTA ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को कथित पेपर लीक के बाद रद्द कर दिया है, जबकि मामले की जांच अब CBI को सौंपी गई है।
राजस्थान में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
राजस्थान के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। सीकर कलेक्ट्रेट, उदयपुर के चेतक सर्कल और भीलवाड़ा कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किए गए। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और NTA पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता खत्म करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पेपर लीक बंद करो”, “22 लाख छात्रों को न्याय दो” और “NTA खत्म करो” जैसे नारे लगाए। कई जगहों पर बैरिकेडिंग के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
उदयपुर में कांग्रेस नेता रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फेर दिया गया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। भीलवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर केंद्रीय मंत्री का पुतला दहन किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ दिया है।
पेपर लीक मामले में क्या सामने आया, CBI कर रही मामले की जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार राजस्थान सहित कई राज्यों में परीक्षा से पहले “गेस पेपर” के नाम पर प्रश्न पत्र सर्कुलेट किए गए थे। शुरुआती जांच में 100 से ज्यादा सवाल असली पेपर से मेल खाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नेटवर्क का संबंध नासिक की एक प्रिंटिंग प्रेस और पेपर लीक माफिया से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि पेपर किन-किन राज्यों तक पहुंचा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) पहले से इस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान राजस्थान के सीकर और जयपुर समेत कई स्थानों से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार पेपर लीक गिरोह ने छात्रों से लाखों रुपए वसूले थे।
NTA और केंद्र सरकार पर सवाल, दोबारा परीक्षा की तैयारी
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 2024 और 2025 में भी परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठे थे, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि जिन एजेंसियों पर पहले सवाल उठे थे, उन्हें ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक से उनका मानसिक और शैक्षणिक नुकसान हो रहा है। कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की है।
NTA ने स्पष्ट किया है कि NEET-UG 2026 की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी और छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। कई छात्र संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।