Rajasthan Weather Today: राजस्थान में आज से नौतपा शुरू, 19 जिलों में हीटवेव के अलर्ट के साथ पारा 47 पार
May 25, 2026 10:56 AM
राजस्थान। मरुधरा में जेठ की तपिश अब आम जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। आज से शुरू हो रहे नौतपा ने राजस्थान में गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ने के संकेत दे दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आने वाले दिनों में पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में पारा 47 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ऊपर का आंकड़ा छू सकता है। इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। दोपहर होते-होते शहरों की सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और तेज झुलसाने वाली गर्म हवाएं (लू) लोगों को बेहाल कर रही हैं।
19 जिलों में अलर्ट: तीन में हालात होंगे ज्यादा गंभीर
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए राज्य के 19 जिलों में विशेष चेतावनी जारी की है। इसमें से तीन जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहां गंभीर श्रेणी की हीटवेव चलने की आशंका है। इसके अलावा 16 अन्य जिलों में 'यलो अलर्ट' घोषित किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इन 9 दिनों में सूरज की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इस मौसम में डिहाइड्रेशन के कारण हार्ट और ब्रेन पर सीधा असर पड़ता है, इसलिए शरीर में पानी की कमी न होने दें।
गर्मी में बढ़ा नोज ब्लीडिंग का खतरा, रखें विशेष ध्यान
अत्यधिक तापमान बढ़ने के कारण इन दिनों हवा बेहद रूखी हो जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शुष्क हवा में सांस लेने से नाक के अंदर की नाजुक म्यूकस लेयर प्रभावित होती है। इसके कारण नाक की ब्लड वेसल्स (खून की धमनियां) फट जाती हैं, जिसे आम भाषा में 'नकसीर फूटना' या नोज ब्लीडिंग कहा जाता है। अगर किसी को यह समस्या हो, तो तुरंत ठंडे पानी से सिर धोएं और डॉक्टर की सलाह लें। धूप में निकलते समय चेहरे और नाक को सूती कपड़े से ढकना बिल्कुल न भूलें।
28 मई से करवट लेगा मौसम, आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने के आसार
तपती धूप और लू के थपेड़ों से जूझ रहे राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर भी दी है। आगामी 28 मई से राज्य में एक नया और प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इस सिस्टम के असर से तपते राजस्थान के आसमान पर बादलों की आवाजाही शुरू होगी और तेज रफ्तार आंधी चलने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जून के पहले सप्ताह तक राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि (ओले गिरना) भी देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को इस भीषण गर्मी से काफी हद तक निजात मिलेगी।