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Rajasthan Weather Update: सूबे में बारिश और ओलों का अलर्ट, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

Mar 28, 2026 12:45 PM

Rajasthan Weather: राजस्थान में 28 मार्च से मौसम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जहां एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इस सिस्टम का असर पूरे राज्य के सभी जिलों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। इसी को देखते हुए 28 मार्च को 7 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने किसानों के लिए विशेष चेतावनी भी जारी की है, जबकि अप्रैल के पहले सप्ताह में भी गर्मी के प्रभाव में कमी रहने के संकेत हैं।

आज 7 जिलों में येलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को राज्य के 7 जिलों में बारिश और आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि इस वेदर सिस्टम का असर धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैलने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम

पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के अधिकांश शहरों में मौसम साफ रहा। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे शहरों में दिनभर तेज धूप रही, जिससे हल्की गर्मी का एहसास हुआ। इस दौरान कोटा में सबसे अधिक 37.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा।

किसानों के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने 28 मार्च से 1 अप्रैल तक राज्य में रुक-रुक कर बारिश, आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें, ताकि बारिश से नुकसान से बचा जा सके।

ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका

इस वेदर सिस्टम के कारण कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की संभावना है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेषकर वे फसलें जो कटाई के बाद खेतों या मंडियों में रखी हुई हैं, उनके प्रभावित होने का खतरा अधिक है। इसलिए प्रशासन ने पहले से सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

अप्रैल के पहले सप्ताह में राहत

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार राज्य में 1 अप्रैल तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद भी अप्रैल के पहले सप्ताह में एक के बाद एक नए मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। इन सिस्टम के कारण तापमान सामान्य या उससे नीचे रह सकता है, जिससे गर्मी का असर कम रहेगा।

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