गुरुग्राम में 'मौत' बनकर दौड़ी थार! दादा और दो मासूम नातियों को कुचला, तीनों की मौत से पसरा मातम
Mar 28, 2026 3:48 PM
गुरुग्राम। गुरुग्राम की सड़कों पर तेज़ रफ़्तार का जानलेवा खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पटौदी के खोड गांव के पास शुक्रवार की देर रात एक महिंद्रा थार ने ऐसी तबाही मचाई, जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। राजस्थान के भिवाड़ी (मिल्कपुर गांव) से अपने रिश्तेदारों से मिलने आए 53 वर्षीय सुभाष अपने दो नन्हे नातियों, ईशान और ज़ायेद के साथ पैदल घर लौट रहे थे। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि पीछे से आ रही एक काली थार उनके लिए काल बनकर आ रही है।
टक्कर इतनी जबरदस्त कि कई फीट दूर जा गिरे मासूम
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो थार की रफ़्तार इतनी अधिक थी कि ड्राइवर का गाड़ी पर रत्ती भर भी नियंत्रण नहीं था। रात के सन्नाटे में चीख-पुकार तब मच गई जब थार ने तीनों को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर लगते ही 10 साल का ईशान और 8 साल का ज़ायेद हवा में उछलकर कई फीट दूर जा गिरे और उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। लहूलुहान हालत में सुभाष को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि उन्होंने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
गाड़ी छोड़ भागा 'कातिल' ड्राइवर, आक्रोश में ग्रामीण
हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर ने इंसानियत दिखाने के बजाय मौके से भागना बेहतर समझा। वह अपनी क्षतिग्रस्त थार को सड़क पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गाड़ी को ज़ब्त कर लिया। पटौदी थाना पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पीड़ित परिवार के अन्य सदस्यों को सूचित कर दिया गया है।
पहचान हो चुकी है, जल्द होगी गिरफ्तारी: पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "थार की नंबर प्लेट और चेसिस नंबर के आधार पर मालिक का पता लगा लिया गया है। हादसे के वक्त गाड़ी कौन चला रहा था, इसकी पुख्ता जानकारी मिल चुकी है। आरोपी कानून की गिरफ्त से ज्यादा दूर नहीं है।" इस बीच, खोड गांव और आसपास के इलाकों में मातम पसरा हुआ है। लोग मांग कर रहे हैं कि रिहायशी इलाकों के पास रफ़्तार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए।