Rajasthan Weather: राजस्थान में 28 मई से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, जानें कब मिलेगी लू से राहत
May 27, 2026 11:47 AM
राजस्थान। राजस्थान में जेठ की तपिश आम जनजीवन की परीक्षा ले रही है। सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में मंगलवार को पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिसने लोगों को झुलसा कर रख दिया। वहीं, बीकानेर और फलोदी में भी अधिकतम तापमान 46 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जो सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक है। पश्चिमी राजस्थान के इन मैदानी और रेतीले इलाकों में सूरज ढलने के बाद भी राहत नहीं मिल रही है। गर्म हवाओं के कारण रातें भी 'ऊष्ण' बनी हुई हैं, जिससे उमस और बेचैनी ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं।
जयपुर, दौसा और भरतपुर में मौसम विभाग का येलो अलर्ट
भीषण गर्मी के इस दौर के बीच पूर्वी राजस्थान के जिलों के लिए राहत की शुरुआती खबर आई है। मौसम केंद्र जयपुर ने राजधानी जयपुर, दौसा, भरतपुर और डीग के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में स्थानीय मौसमी बदलाव के कारण बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले कुछ घंटों में इन जिलों में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। राजधानी जयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
28 मई से दस्तक देगा पश्चिमी विक्षोभ, आंधी-तूफान की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 मई से राज्य में एक नया और प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इस नए सिस्टम के असर से दौसा और भरतपुर संभाग में वीरवार को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तीव्र अंधड़ चलने, वज्रपात (आसमानी बिजली) गिरने और मध्यम दर्जे की बारिश होने की आशंका है। ऐसे में मौसम विभाग ने आम लोगों को आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और पेड़ों व बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
जून के पहले हफ्ते तक बनी रहेगी राहत, कम होगी तपिश
इस नए मौसमी सिस्टम का असर 29 मई से धरातल पर साफ दिखाई देने लगेगा। शुक्रवार से पूरे राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की प्रबल संभावना है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली लू से बड़ी राहत मिलेगी। मौसम केंद्र के अनुसार, 30 मई के बाद आंधी और बारिश की इन गतिविधियों में और तेजी आएगी, जिसका असर जून के पहले सप्ताह तक बना रह सकता है। यानी नौतपा के आखिरी दिन राजस्थान के लोगों के लिए कुछ राहत भरे साबित हो सकते हैं।