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Rajasthan Weather Today: राजस्थान के 11 जिलों में आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट, जानें अगले 24 घंटे का हाल

Jun 01, 2026 10:33 AM

राजस्थान। राजस्थान में जून महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह पलट गया है। जहां इन दिनों मरुधरा में सूरज की तपिश से पैर जलने लगते थे, वहां अब आसमान से राहत की बौछारें गिर रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ की तगड़ी सक्रियता के चलते नागौर जिले में नौतपा के आठवें दिन तड़के अचानक घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। नागौर के कई ग्रामीण इलाकों में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिसने तपते राजस्थान को अचानक शिमला जैसा अहसास करा दिया। इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे इलाके में ठंडी हवाओं का दौर शुरू कर दिया है।

अजमेर में बरसे बदरा, खरीफ की बुवाई में जुटे अन्नदाता

अजमेर संभाग में भी मौसम की मेहरबानी लगातार तीसरे दिन देखने को मिली। अजमेर शहर और उसके आसपास के कस्बों में रुक-रुक कर कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर लगातार बना हुआ है। पिछले कई हफ्तों से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस झेल रहे स्थानीय निवासियों, बेजुबान पशुओं और वन्यजीवों को इस बदलाव से बड़ी राहत मिली है। नागौर और अजमेर के देहाती इलाकों में हुई इस बारिश से खेतों में अच्छी-खासी नमी आ गई है। इसे खरीफ की फसल के लिए शुभ संकेत मानते हुए किसान भाई अपने खेतों को दुरुस्त करने और बुवाई की अग्रिम तैयारियों में मुस्तैदी से जुट गए हैं।

जयपुर से कोटा तक 11 जिलों में आंधी-तूफान का 'ऑरेंज अलर्ट'

भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य के बड़े हिस्से में मौसम के और उग्र होने की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने एक विशेष बुलेटिन जारी कर सूबे के 11 प्रमुख जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इसके तहत राजधानी जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में दोपहर के बाद मौसम गंभीर रूप अख्तियार कर सकता है। इन इलाकों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली गिरने की आशंका के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी झोंकेदार हवाएं और धूलभरी आंधी चलने का अनुमान लगाया गया है।

पश्चिमी राजस्थान के रेतीले धोरों में उड़ेगी धूल, तापमान 44 डिग्री से नीचे

राहत और आंधी का यह सिलसिला सिर्फ पूर्वी हिस्से तक सीमित नहीं है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी बादलों की आवाजाही बनी हुई है। जैसलमेर, फलोदी और बाड़मेर जैसी सबसे गर्म बेल्ट में तेज धूलभरी आंधी चलने की आशंका है, जिससे सड़कों पर दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी कम हो सकती है। हालांकि, इस पूरे अंधड़ और बारिश का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान जो कभी 48 डिग्री के पास था, वह अब 44 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ गया है और हीटवेव जैसी स्थिति से फिलहाल पूरी तरह निजात मिल गई है।

प्रशासन मुस्तैद, आम जनता और किसानों को विशेष हिदायत

मौसम की इस तल्खी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने आम लोगों से खास सतर्कता बरतने की अपील की है। वज्रपात और तेज आंधी के दौरान लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही, सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को आंधी के समय गाड़ी सुरक्षित किनारे लगाने को कहा गया है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को आगाह किया है कि वे ओलावृष्टि से अपनी फसलों का बचाव करें और मंडियों या खुले आसमान के नीचे रखे कटी फसल के ढेरों को तिरपाल से ढककर रखें ताकि अनाज बर्बाद होने से बच सके।

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