Rajasthan Weather: राजस्थान में आज 30 जिलों में आंधी-ओले का अलर्ट, पारा 10 डिग्री लुढ़का
May 30, 2026 10:51 AM
राजस्थान। नौतपा की भीषण और झुलसाने वाली गर्मी के बीच राजस्थान में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। सूबे में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ ने झुलसाती लू पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। मौसम केंद्र जयपुर के मुताबिक, शनिवार को भी इस सिस्टम का असर पूरे प्रदेश में दिखेगा, जिसके चलते 30 जिलों में धूलभरी आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इस मौसमी बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं आंधी-तूफान अब जानलेवा साबित होने लगा है।
दौसा में टावर गिरने से दो की मौत, कई जिलों में गिरे ओले
बीते कल यानी शुक्रवार को राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में आए भीषण अंधड़ ने भारी तबाही मचाई। दौसा जिले के लालसोट-दौसा बाइपास पर आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि बिजली विभाग का 220 केवी का विशालकाय टावर उखड़कर सड़क पर आ गिरा। इस दौरान वहां से गुजर रही एक स्कॉर्पियो गाड़ी हाईटेंशन तारों की चपेट में आकर पलट गई, जिससे एक महिला समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा जयपुर, चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, भरतपुर और करौली में भी शुक्रवार रात तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि हुई है।
झुंझुनूं के मलसीसर में मूसलाधार आफत, जयपुर में एक घंटे चला अंधड़
शुक्रवार को राज्य में सबसे ज्यादा बारिश झुंझुनूं जिले के मलसीसर में रिकॉर्ड की गई, जहां करीब 2 इंच (43 मिमी) पानी बरसा। वहीं राजधानी जयपुर में भी दोपहर बाद अचानक आसमान में अंधेरा छा गया और करीब 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली। जयपुर में रात 8 बजे के बाद दोबारा मेघ बरसे और शहर के कई इलाकों में चने के आकार के ओले गिरे। इस तेज बारिश और अंधड़ के चलते अलवर में अधिकतम तापमान सामान्य से 9.8 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 36.2 डिग्री पर आ गया।
इस बार रूठेगा मानसून! अल नीनो बढ़ाएगा परेशानी
इस बीच मौसम विभाग दिल्ली ने राजस्थान को लेकर एक चिंताजनक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल राजस्थान में मानसून का सीजन उम्मीद से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह प्रशांत महासागर में सक्रिय हो रहा 'अल नीनो' प्रभाव माना जा रहा है। जून के महीने से ही अल नीनो का असर दिखने लगेगा, जो जुलाई और अगस्त में भी मध्यम स्तर पर बना रहेगा। इसके साथ ही हिंद महासागर में इंडियन ओशन डायपोल (IOD) के न्यूट्रल रहने की आशंका है, जिससे मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ेगी।