Rajasthan Weather: राजस्थान में आज से बदलेगा मौसम, 70 KMPH की आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी, कई जिलों में अलर्ट
Jun 03, 2026 10:28 AM
Weather Update: राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 3 जून से राज्य पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बन गई है। मौसम विभाग ने 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 5 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस मौसमीय बदलाव के कारण आगामी दिनों में तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी राजस्थान में 40 से 43 डिग्री के बीच रहा तापमान
पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और दिनभर तेज धूप देखने को मिली। इसके बावजूद तापमान सामान्य गर्मी के मुकाबले नियंत्रित रहा। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, फलोदी और जैसलमेर में अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। राज्य के बाकी अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का मानना है कि सक्रिय हो रहे नए सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
आज से कई संभागों में सक्रिय होगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार बुधवार से राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने लगेगा। बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में आंधी और बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है क्योंकि तेज हवाओं के कारण नुकसान की आशंका बनी रह सकती है।
दो दिन अंधड़ और तेज बारिश की संभावना
विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों में कुछ स्थानों पर अंधड़ जैसी स्थिति बन सकती है। हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के कारण दृश्यता प्रभावित हो सकती है और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है। किसानों और पशुपालकों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
आंधी और बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओले गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय स्तर पर ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। हालांकि ओलावृष्टि का प्रभाव सभी जिलों में समान नहीं रहेगा और यह कुछ क्षेत्रों तक सीमित रह सकता है।
6 जून तक बना रह सकता है असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 3 जून से सक्रिय हो रहा यह पश्चिमी विक्षोभ 6 जून तक प्रभावी रह सकता है। इस दौरान राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम में इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर देखने को मिलेगा। विभाग का अनुमान है कि अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी और लू जैसी परिस्थितियां कमजोर पड़ सकती हैं।