Sandeep Singh Case: संदीप सिंह की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, महिला कोच पहुंचीं कोर्ट, लगाई रेप के प्रयास की धाराएं जोड़ने की गुहार

संदीप सिंह की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, महिला कोच पहुंचीं कोर्ट, लगाई रेप के प्रयास की धाराएं जोड़ने की गुहार
Sandeep Singh Case: हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ चल रहे बहुचर्चित यौन उत्पीड़न मामले में एक नया मोड़ आ गया है। मामले की पीड़िता जूनियर महिला एथलेटिक्स कोच ने चंडीगढ़ की जिला अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए पूर्व मंत्री के खिलाफ गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की है।
पीड़िता ने अपनी याचिका में कहा है कि यह मामला सिर्फ यौन उत्पीड़न या छेड़छाड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर दुष्कर्म के प्रयास का मामला बनता है। इस अर्जी पर अदालत 4 नवंबर को सुनवाई करेगी।
IPC 376 और 511 जोड़ने की गुहार, पुलिस की पिछली अर्जी हो चुकी है खारिज
महिला कोच ने अदालत से अपील की है कि संदीप सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (रेप) के साथ धारा 511 (अपराध करने का प्रयास) भी जोड़ी जानी चाहिए। पीड़िता का तर्क है कि घटनाक्रम और उसके बयानों से स्पष्ट होता है कि पूर्व मंत्री ने उसके साथ गलत काम करने की पूरी कोशिश की थी।
गौरतलब है कि इससे पहले मामले की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने भी अदालत में ऐसी ही अर्ज़ी दाखिल कर धाराएं बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि, निचली अदालत ने तब पुलिस की उस मांग को खारिज कर दिया था। अब पीड़िता ने खुद सामने आकर यह कानूनी गुहार लगाई है।
वर्तमान में इन संगीन धाराओं में चल रहा है केस
वर्तमान में संदीप सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ की अदालत में IPC की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना), 354-A (यौन उत्पीड़न), 354-B (विवस्त्र करने के इरादे से हमला), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 506 (आपराधिक धमकी) और 509 (शब्दों या इशारों से लज्जा भंग करना) के तहत मुकदमा चल रहा है।
अगर अदालत पीड़िता की याचिका को स्वीकार करते हुए 376/511 की धाराएं जोड़ने का आदेश देती है, तो पूर्व मंत्री के लिए कानूनी शिकंजा बेहद सख्त हो जाएगा और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
चार साल पुराना मामला, मंत्री पद से देना पड़ा था इस्तीफा
यह पूरा विवाद लगभग चार साल पहले शुरू हुआ था, जब हरियाणा खेल विभाग में तैनात जूनियर महिला कोच ने खेल मंत्री संदीप सिंह पर अपने सरकारी आवास पर बुलाकर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न करने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। पीड़िता की लिखित शिकायत के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विवाद बढ़ने और खाप पंचायतों व विपक्षी दलों के भारी दबाव के बाद संदीप सिंह को अपने खेल मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, संदीप सिंह शुरू से ही अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते आए हैं। उनका दावा रहा है कि महिला कोच ने अपने मनचाहे तबादले को रुकवाने के विरोध में उनके खिलाफ रंजिश के तहत झूठी और मनगढ़ंत शिकायत दर्ज कराई थी।
अब 4 नवंबर को होने वाली अदालत की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि क्या कोर्ट पूर्व मंत्री पर रेप की कोशिश की धारा जोड़ने की इजाजत देता है या नहीं।
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