धूरी: मुख्यमंत्री भगवंत मान के चुनाव क्षेत्र धुरी में आज उस समय दर्दनाक और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब ईसाई समुदाय के लिए कब्रिस्तान के लिए जगह न होने के कारण मृतक पादरी संपौल का शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। प्रशासन की बेरुखी से परेशान परिवार के सदस्यों और ईसाई समुदाय ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए और आरोप लगाया कि लोकतंत्र में किसी मृतक व्यक्ति को उसके धर्म के अनुसार अंतिम विदाई देने का अधिकार छीना जा रहा है।
हाई कोर्ट के आदेशों की अनदेखी
क्रिश्चियन नेशनल फ्रंट के नेताओं ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि माननीय हाई कोर्ट और 'पंजाब शामलात लैंड एक्ट 1964' के स्पष्ट आदेशों के बावजूद प्रशासन कब्रिस्तान के लिए ज़मीन नहीं दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री के अपने चुनाव क्षेत्र में ईसाई समुदाय के साथ ऐसा भेदभाव हो रहा है, तो बाकी पंजाब में न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
बाबा साहेब का संविधान के रास्ते पर चलने का आह्वान
इस मौके पर खास तौर पर पहुंचे क्रिश्चियन नेशनल फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष लॉरेंस चौधरी ने बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर जी की बातों को दोहराते हुए कहा कि बाबा साहेब ने कहा था, 'पढ़ो, जुड़ो और संघर्ष करो'। अंतिम संस्कार के लिए जगह मिलना हमारा मौलिक अधिकार है जो संविधान में दर्ज है। हम अपने हक के लिए लड़ते रहेंगे।”
20 साल से मांग पेंडिंग
मृतक के भाई पादरी चरण दास ने कहा कि पिछले 20 सालों से धुरी में कब्रिस्तान की मांग चल रही है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इंसानियत के नाते अपने कब्रिस्तान में जगह देने की पेशकश की, लेकिन चेतावनी भी दी कि जब तक पक्का अलॉटमेंट नहीं हो जाता, विरोध खत्म नहीं होगा। इस मौके पर पादरी चरण मसीह, गुरबाज (कोऑर्डिनेटर पंजाब), रवि पॉल (यूथ प्रेसिडेंट), पा. भरपुर जस्सी और बड़ी संख्या में ईसाई संगत मौजूद थी।