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Uttarakhand Solar Scheme: दो साल में 10 गुना बढ़ी उत्तराखंड की सौर ऊर्जा क्षमता, सीएम धामी ने जारी की खास बुकलेट

May 28, 2026 2:51 PM

देहरादून। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में गुरुवार को उत्तराखंड के सौर ऊर्जा अभियान को एक नई दिशा मिली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक विशेष कार्यक्रम के दौरान काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई ‘सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका’ का विमोचन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने देश और दुनिया के सामने खड़े पर्यावरण और ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा अब महज बिजली बचाने का एक जरिया नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के वजूद को बचाने की जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तिका सिर्फ पन्नों का संकलन नहीं है, बल्कि देवभूमि को स्वच्छ और आत्मनिर्भर बनाने के हमारे सामूहिक संकल्प का आईना है।

पीएम सूर्य घर योजना में अव्वल बना उत्तराखंड, 40 हजार छतों पर लगा सोलर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की तारीफ करते हुए कहा कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ को अमलीजामा पहनाने में उत्तराखंड ने पूरे देश के सामने एक मिसाल कायम की है। राज्य सरकार ने 40 हजार रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का जो शुरुआती लक्ष्य तय किया था, उसे न सिर्फ समय से पहले हासिल किया गया बल्कि कुल टारगेट का लगभग 95 प्रतिशत काम मुकम्मल भी कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि इस योजना के बेहतरीन क्रियान्वयन की बदौलत आज उत्तराखंड देश के शीर्ष राज्यों की जमात में शामिल हो गया है।

दो साल में 10 गुना बढ़ी ताकत, 'टीम उत्तराखंड' के प्रयासों को सराहा

अ आंकड़ों की बात करें तो उत्तराखंड ने पिछले दो साल (2024 से 2026) के भीतर अपनी सौर ऊर्जा क्षमता में करीब 10 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की है। मौजूदा समय में राज्य के रिहायशी इलाकों में लगभग 290 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट काम कर रहे हैं। इस बड़ी कामयाबी के लिए सीएम धामी ने यूपीसीएल, ऊरेडा (UREDA) और पिटकुल के अधिकारियों सहित इस पूरे मिशन से जुड़े जमीनी कर्मचारियों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक सफलता 'टीम उत्तराखंड' के आपसी तालमेल और कड़ी मेहनत का ही नतीजा है।

जन-जन तक पहुंचेगी स्वच्छ ऊर्जा, घटेगा आम आदमी का बिजली बिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मुहिम सिर्फ छतों पर सोलर पैनल टांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए हर नागरिक को इस स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का हिस्सेदार बनाना है। राज्य में चलाए गए 'सौर कौथिग' (सौर उत्सव), नुक्कड़ नाटकों और अधिकारियों की स्पेशल ट्रेनिंग ने एक ऐसा माहौल तैयार किया है कि लोग खुद आगे आकर इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। सीएम ने भरोसा जताया कि सौर ऊर्जा के इस बढ़ते दायरे से आम जनता की जेब पर बिजली के भारी-भरकम बिल का बोझ कम होगा, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और उत्तराखंड देश के सामने रिन्यूएबल एनर्जी का एक सबसे बेहतरीन मॉडल बनकर उभरेगा।

इस खास विमोचन कार्यक्रम के दौरान विधायक सुरेश गड़िया, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव विनय शंकर पांडेय, CEEW के सीईओ डॉ. अरुणाभ घोष, पिटकुल के एमडी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट और यूपीसीएल के एमडी जी.एस. बुदियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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