Uttarakhand News: सीएम धामी का बड़ा फैसला, ₹6,940 करोड़ की परियोजनाओं के लिए 15 अक्टूबर 2026 की डेडलाइन तय
Jun 08, 2026 2:54 PM
देहरादून। उत्तराखंड में चल रही बड़ी विकास परियोजनाओं में लेटलतीफी करने वाले नौकरशाहों पर अब सरकार ने डंडा चला दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में सूबे के करीब ₹6,940 करोड़ के 12 बड़े प्रोजेक्ट्स की जमीनी हकीकत परखी। 'प्रगति पोर्टल' के जरिए हुई इस समीक्षा बैठक में सीएम ने दो टूक कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में उत्तराखंड की अहम भूमिका है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आदेश दिया कि जिन परियोजनाओं का काम 50 प्रतिशत की दहलीज को पार कर चुका है, उन्हें आगामी 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में फिनिशिंग टच दे दिया जाए।
अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सचिवालय की बैठक में मॉनिटरिंग का एक सख्त और नया ढांचा तैयार किया है। अब इन महा-परियोजनाओं की फाइलें धूल नहीं फांक सकेंगी। इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर पर हर महीने और मुख्य सचिव के स्तर पर हर दस दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट की बारीकी से जांच होगी। सीएम धामी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी परियोजना में बिना वजह देरी पाई गई, तो संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीमांत सड़कें और परिवहन योजनाएं रडार पर; जमीन और वन विभाग के पेंच सुलझाने के निर्देश
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन (BRO), परिवहन और ऊर्जा विभाग के कई बड़े प्रोजेक्ट्स की टेबल पर समीक्षा की गई। इनमें मुख्य रूप से रामनगर का नया आईएसबीटी, रानीखेत बस टर्मिनल, ताड़ीखेत डिपो, बनबसा और रुद्रप्रयाग के पावर सब-स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा देश की सुरक्षा और पर्यटन के लिहाज से बेहद संवेदनशील चारधाम सड़क परियोजना, अस्कोट-लिपुलेख मार्ग और माणा पास जैसी सामरिक सड़कों की प्रगति का भी लेखा-जोखा लिया गया। सीएम ने जिलाधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वन भूमि हस्तांतरण (Forest Clearance), जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की रकम बांटने से जुड़े जितने भी पेंच फंसे हैं, उन्हें आपसी तालमेल बिठाकर फौरन सुलझाया जाए।
पर्यटन, रोजगार और निवेश को मिलेगी नई संजीवनी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि चारधाम यात्रा और सीमांत इलाकों की सड़कों का सीधा संबंध राज्य की आर्थिकी से है। इन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने से न केवल स्थानीय जनता का जीवन आसान होगा, बल्कि प्रदेश में पर्यटन, व्यापार, बड़े निवेश और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत और डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जबकि जिलों के कप्तानों (डीएम) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी हाजिरी दर्ज कराई।