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Rishikesh Mayor Council: ऋषिकेश में देश भर के मेयरों का महामंथन, सीएम धामी ने दी 30 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

Jun 03, 2026 3:29 PM

उत्तराखंड। तीर्थनगरी ऋषिकेश के राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों में बुधवार को खासी हलचल रही। अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में हिस्सा लेने देश के कोने-कोने से नगर निगमों के मेयर पहुंचे। इस राष्ट्रीय महामंथन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी मेयरों का देवभूमि में स्वागत किया।

मेयरों को शहर का 'प्रथम नागरिक' और जनता की उम्मीदों का आईना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,

"आपकी मेज पर लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर आने वाली पीढ़ियों के मुस्तकबिल पर पड़ता है। अगर हमारे देश की आत्मा गांवों में बसती है, तो आधुनिक भारत के नागरिकों के सपने, उनकी आर्थिक आकांक्षाएं और भविष्य की तमाम संभावनाएं इन्हीं शहरों के रास्तों से होकर गुजरती हैं।"

पर्यटन के मोर्चे पर उत्तराखंड की ऊंची छलांग, 4 साल में आए 23 करोड़ सैलानी

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष रूप से अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड प्रेम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से सूबे में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, जिसका सीधा असर चारधाम यात्रा पर दिख रहा है। इस साल महज 45 दिनों के भीतर 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।

इतना ही नहीं, सीमांत इलाकों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों का असर अब दिखने लगा है। सीएम ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जहां पहले आदि कैलाश में साल भर में बमुश्किल 500 लोग पहुंचते थे, वहीं अब बुनियादी सुविधाएं सुधरने से रोजाना करीब 1000 श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही मां पूर्णागिरि के दरबार में भी इस सीजन में 24 लाख लोग शीश नवा चुके हैं। बीते चार वर्षों का लेखा-जोखा पेश करते हुए उन्होंने बताया कि 23 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखंड की वादियों का दीदार करने आ चुके हैं।

निकायों को हाईटेक और आत्मनिर्भर बनाने का मंत्र

शहरी विकास के राष्ट्रीय मॉडल की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं— स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी, पीएम आवास और स्वनिधि योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इन योजनाओं को धरातल पर उतारने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राज्य में पहली बार शहरी गरीबों को ध्यान में रखकर नगर निकायों में 'अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' खोले गए हैं। इसके अलावा, शहरों की एक बड़ी समस्या से निपटने के लिए लावारिस गोवंश के वास्ते 'आश्रय योजना' और स्ट्रीट डॉग्स की आबादी नियंत्रित करने के लिए 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' जैसी अनूठी योजनाएं शुरू की गई हैं।

कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि 'विकसित भारत 2047' की तर्ज पर 'विकसित उत्तराखंड' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महानगरों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा। इसके लिए सौर ऊर्जा, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और ठोस कचरा प्रबंधन को अनिवार्य रूप से नगर निगमों की कार्यशैली का हिस्सा बनाना पड़ेगा।

लालपानी बीट में बनेगा आधुनिक कम्पोस्ट प्लांट, शहर में लगेंगे चार्जिंग पॉइंट

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान जिन योजनाओं की आधारशिला रखी, वे ऋषिकेश की सूरत बदलने वाली साबित होंगी। नगर निगम ऋषिकेश के तहत 23.15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से लालपानी बीट में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के अंतर्गत एक आधुनिक कम्पोस्ट प्लांट और सैनिटरी लैंडफिल साइट का निर्माण किया जाएगा, जो शहर की कचरा समस्या का स्थायी समाधान बनेगा।

इसके साथ ही, भविष्य की जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP Mode) के तहत 1.80 करोड़ रुपये से शहर के 10 प्रमुख स्थानों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। वहीं, भूजल स्तर को सुधारने के लिए 4.83 करोड़ रुपये की लागत से ऋषिकेश के 12 अलग-अलग इलाकों में वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) प्रणालियों का जाल बिछाया जाएगा। इस दौरान सीएम ने विभिन्न विकास कार्यों के मॉडलों का बारीकी से मुआयना भी किया।

इस उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, महापौर शंभू पासवान, रेनु बाला गुप्ता, आशुतोष समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए नगर निगमों के महापौर और आला अधिकारी मौजूद रहे।

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