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प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

Apr 02, 2026 5:25 PM

देहरादून: उत्तराखंड के रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि बजरंगबली की कृपा के बिना कोई भी भक्त उनके दरबार तक नहीं पहुंच सकता। मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई बार प्रयास करने के बावजूद वह यहां नहीं आ सके, लेकिन इस बार अचानक कार्यक्रम बना और उन्हें दर्शन का सौभाग्य मिला।

धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत अनुभव

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्री हनुमान धाम आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां आने वाले हर श्रद्धालु पर विशेष कृपा होती है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि कई बार कार्यक्रम तय होने के बावजूद उनका यहां आना संभव नहीं हो पाया। इस बार अचानक योजना बनी और उन्हें बजरंगबली के दर्शन करने का अवसर मिला। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में धार्मिक विकास

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए धार्मिक विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण वर्षों के इंतजार के बाद संभव हुआ है। साथ ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिली हैं। उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों को भी उत्तराखंड की पहचान मजबूत करने वाला बताया।

देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में राज्य में सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है।

धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड सहित राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। इन प्रयासों से हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है और राज्य धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।

कुंभ और चारधाम यात्रा की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे देश की आस्था से जुड़ा है। साथ ही शीतकालीन यात्रा लगातार जारी है और चारधाम के कपाट खुलने तक चलती रहेगी। अब तक लगभग एक लाख साठ हजार श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

बढ़ता पर्यटन और सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जो धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र को और मजबूत करना है, ताकि उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके। अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार जताते हुए प्रदेश की निरंतर प्रगति की कामना की।

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