अमित शाह ने तृणमूल सरकार के खिलाफ आरोपपत्र जारी किया, कहा : बंगाल चुनाव देश की सुरक्षा के लिए अहम
Mar 28, 2026 7:37 PM
कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक आरोपपत्र जारी किया तथा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देश की सुरक्षा के लिए अहम बताते हुए भाजपा के प्रचार अभियान को और तेज कर दिया।
शाह ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि इसके 15 साल के शासन के दौरान बंगाल देश के लिए घुसपैठ, तुष्टीकरण की राजनीति और सीमा पर असुरक्षा का प्रमुख गलियारा बन गया है।
उन्होंने कहा कि ममता दीदी ने हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति खेली है। कभी वह अपनी चोट की बात करती हैं, तो कभी निर्वाचन आयोग को भला-बुरा कहती हैं। लेकिन बंगाल की जनता अब ममता दीदी की ‘विक्टिम कार्ड’ वाली इस राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है।
निर्वाचन आयोग की एसआईआर कवायद का विरोध करने पर शाह ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अल्पसंख्यक वोट बैंक को बचाने के लिए जानबूझकर इस तरह की चीजें कर रही हैं।
शाह ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अन्य राज्यों में भी हुआ है, लेकिन कहीं भी इसे इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाया गया। बंगाल में इसे मुद्दा सिर्फ इसलिए बनाया गया है, क्योंकि ममता बनर्जी अपने वोट बैंक को बचाना चाहती हैं। निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक निकायों का अपमान करना बंगाली संस्कृति का हिस्सा नहीं है।
यह दावा करते हुए कि असम में भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहाँ से घुसपैठ लगभग खत्म हो गई है, शाह ने आरोप लगाया कि अब पश्चिम बंगाल आखिरी बचा हुआ रास्ता बनकर उभरा है, जिसके ज़रिए घुसपैठिए भारत में प्रवेश करते हैं और अलग-अलग राज्यों में फैल जाते हैं।
शाह ने कहा कि बंगाल चुनाव न केवल बंगाल के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। एक तरह से, पूरे देश की सुरक्षा बंगाल चुनाव से जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की सीमाओं से होने वाला अवैध प्रवासन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गया है।
शाह ने अपने सबसे तीखे हमलों में से एक में कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा तृणमूल सरकार की तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के कारण खतरे में पड़ गई है।
संकरी पट्टी वाला सिलीगुड़ी कॉरिडोर पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ता है। गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र के बार-बार अनुरोध के बावजूद, ममता बनर्जी सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को समझाने की कई कोशिशों के बावजूद, तृणमूल सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में बाड़ लगाने के लिए ज़मीन उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों का एक वोट बैंक बनाना चाहती है।
सीमा पर बाड़ लगाने के मुद्दे को चुनावी वादा बनाने की कोशिश में शाह ने कहा कि अगर बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है, तो वह 45 दिन के भीतर केंद्र सरकार को जरूरी जमीन सौंप देगी।
उन्होंने कहा कि छह मई को पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, और 45 दिन के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन बंगाल की भाजपा सरकार केंद्र को मुहैया कराएगी, और हम घुसपैठ को रोकेंगे। भाजपा नेता ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी मतदाता सूची के शुद्धीकरण को अपने अभियान का एक प्रमुख मुद्दा बनाएगी।
उन्होंने कहा कि मैं बंगाल के लोगों से पूछना चाहता हूँ-क्या उन घुसपैठियों को, जिन्हें यहाँ रहने की इजाजत दी गई है, वोट देने का अधिकार दिया जाना चाहिए? मैं भाजपा की ओर से यह साफ कर देना चाहता हूँ कि हम न सिर्फ मतदाता सूची से घुसपैठियों को हटाएँगे, बल्कि देश से प्रत्येक अवैध प्रवासी को बाहर निकाल देंगे।
शाह ने कहा कि आगामी चुनाव में बंगाल को डर और भरोसे में से किसी एक को चुनना होगा। पिछले 15 वर्षों से राज्य में डर, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति का राज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने झूठ और हिंसा का इस्तेमाल करके अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने का एक नया तरीका ईजाद किया है। तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने का आधार झूठ, डर और हिंसा है। लेकिन 2011 से, भाजपा इनके खिलाफ लड़ रही है।