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देवेंद्र कादयान को कानूनी नोटिस भेजेगी इनेलो, अभय चौटाला ने खोले सियासी राज

Mar 28, 2026 5:41 PM

हरियाणा। राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल की हार के बाद गन्नौर विधायक देवेंद्र कादयान ने जो गुब्बारा छोड़ा था, उसे इनेलो ने हवा में ही फोड़ दिया है। अभय चौटाला ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि कादयान का यह कहना कि नामांकन के समय इनेलो विधायक उनके साथ थे, पूरी तरह निराधार और सफेद झूठ है। चौटाला ने चुनौती देते हुए कहा, "विधानसभा में हर चीज का रिकॉर्ड होता है। जब हमारी पार्टी का कोई विधायक वहां गया ही नहीं, तो कादयान जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं? या तो वे सबूत दिखाएं कि अर्जुन और आदित्य उनके साथ थे, वरना हम उन्हें कानूनी नोटिस भेजकर माफी मंगवाएंगे।

"बीजेपी को जिताना चाहते थे भूपेंद्र हुड्डा"

इस विवाद के बीच अभय चौटाला ने कांग्रेस और खासकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने चुनाव के दिन की टाइमलाइन साझा करते हुए कहा कि दोपहर 3 बजे तक 87 वोट पड़ चुके थे और केवल 3 वोट बाकी थे—दो इनेलो के और एक विधानसभा अध्यक्ष का। चौटाला के मुताबिक, हुड्डा बतौर कांग्रेस एजेंट वहां मौजूद थे और उन्हें अच्छी तरह पता था कि उनके अपने ही विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है और वोट रद्द करवाए हैं।

चौटाला ने आरोप लगाया, "हुड्डा ने समय रहते उन विधायकों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए? अगर वे हमें पहले बता देते कि उनके वोट खराब हो चुके हैं, तो इनेलो के दोनों विधायक कांग्रेस के दलित उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को वोट दे देते। लेकिन हुड्डा खुद बीजेपी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने में लगे थे और क्रॉस वोटिंग करने वाले सभी विधायक उनके ही चहेते हैं।"

दलित कार्ड और सियासी समीकरण

अभय चौटाला ने स्पष्ट किया कि इनेलो की नीति बीजेपी को वोट देने की कभी नहीं थी। उन्होंने कहा कि कादयान ने जो भ्रम फैलाया, वह केवल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए था। इनेलो अब इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। पार्टी के कानूनी सेल को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे देवेंद्र कादयान के खिलाफ मानहानि का नोटिस तैयार करें। राज्यसभा चुनाव के इस दंगल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हरियाणा की राजनीति में 'दोस्त' और 'दुश्मन' के मायने हर मोड़ पर बदल जाते हैं।

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