Mokama Police Viral: दबिश देने गई पुलिस की खुद होने लगी चेकिंग, कुख्यात सोनू-मोनू के घर लाइन में लगे अफसर सस्पेंड
May 25, 2026 3:31 PM
बिहार। बिहार में एक तरफ जहां नीतीश-सम्राट की सरकार अपराधियों के खिलाफ 'ऑपरेशन लंगड़ा' चलाकर कानून का राज स्थापित करने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मोकामा से आई एक वायरल तस्वीर ने पूरी पुलिसिया साख को तार-तार कर दिया है। मामला जितना हैरान करने वाला है, उतना ही कानून व्यवस्था को मुंह चिढ़ाने वाला भी। दरअसल, मोकामा के पांच महला थाना क्षेत्र के नौरंगा गांव में एक कुख्यात अपराधी के घर छापेमारी करने गई पुलिस टीम खुद ही 'मुल्जिम' की तरह कतार में खड़ी नजर आई। अपराधियों के परिजनों और समर्थकों ने दबिश देने आए पुलिसकर्मियों को घर की दहलीज पार करने से पहले रोक दिया और बकायदा उनकी तलाशी ली, जिसका वीडियो अब देश भर में थू-थू करा रहा है।
अनंत सिंह के करीबी पर फायरिंग के बाद एक्शन में आई थी पुलिस, लेकिन...
इस पूरे मामले की पटकथा एक दिन पहले लिखी गई थी। जानकारी के मुताबिक, मोकामा के पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह के करीबी मुकेश कुमार पर नौरंगा गांव में ही कुछ हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस जानलेवा हमले में मुकेश कुमार बाल-बाल बच गए, लेकिन इस वारदात के पीछे इलाके के कुख्यात सोनू-मोनू गैंग का नाम सामने आया। वारदात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस फौरन हरकत में आई और भारी दलबल के साथ सोनू-मोनू के ठिकाने पर छापेमारी करने नौरंगा गांव पहुंच गई। लेकिन पुलिस ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वहां अपराधियों का खौफ इस कदर हावी होगा कि वर्दीधारियों को ही चेकिंग से गुजरना पड़ जाएगा।
न सोनू मिला न मोनू, खाली हाथ लौटी पुलिस तो विपक्ष ने घेरा
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भारी तनाव के बीच पुलिसकर्मी अपराधियों के घर के बाहर बेहद लाचार मुद्रा में कतार में खड़े हैं और वहां मौजूद लोग उनकी जेबें और बदन टटोल रहे हैं। इस अजीबो-गरीब 'सर्च ऑपरेशन' के बाद पुलिस जब घर के भीतर दाखिल हुई, तो मुख्य आरोपी सोनू वहां से नदारद मिला और पुलिस के हाथ कोई बड़ी कामयाबी नहीं लगी। अपनी साख बचाने के लिए पुलिस टीम एक पुराने मामले से जुड़ी लावारिस बाइक को जब्त कर अपने साथ थाने ले आई। अब इस घटना को लेकर बिहार की सियासत पूरी तरह सुलग उठी है। मुख्य विपक्षी दल राजद ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा है कि अगर सूबे में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है और अपराधियों के सामने गिड़गिड़ा रही है, तो आम जनता भगवान भरोसे है।
मुख्यालय ने दो अफसरों को सस्पेंड कर बचाई लाज
जैसे ही यह शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से तैरने लगा, पटना से लेकर स्थानीय प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया। कानून के इकबाल को जमींदोज होते देख पुलिस मुख्यालय तुरंत डैमेज कंट्रोल में जुट गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, अपराधियों के आगे लाइन में खड़े होने वाले दो जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, इस निलंबन के बाद भी बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या सिर्फ दो अफसरों पर गाज गिरा देने से मोकामा में अपराधियों के भीतर से खत्म हो चुका पुलिस का खौफ वापस लौट पाएगा?