Summer cooling desi jugad: सिर्फ ₹850 में छत हो जाएगी शिमला जैसी ठंडी, इस फॉर्मूले ने उड़ाए सबके होश
May 30, 2026 12:27 PM
उत्तर भारत समेत पूरा देश इन दिनों आसमान से बरसती आग और भीषण लू (हीटवेव) के थपेड़ों से बेहाल है। मैदानी इलाकों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है, जिससे कंक्रीट के मकान और छतें भट्टी की तरह तपने लगी हैं। इस असहनीय उमस और गर्मी के बीच मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राहत की एक ऐसी खबर इंटरनेट पर वायरल हो रही है, जिसने बड़े-बड़े इंजीनियरों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसमें एक शख्स भरी दुपहिया में अपनी जलती हुई छत पर ऐसे टहल रहा है मानो वह मखमली घास पर हो।
चूने और बाइंडर का कमाल, ऐसे तैयार हुआ जादुई घोल
वीडियो बनाने वाले शख्स ने जब खुद छत पर कदम रखा और उसे ठंडक का अहसास हुआ, तो उसने तुरंत मकान मालिक से इस चमत्कार का राज पूछ लिया। छत के मालिक ने बताया कि यह कोई महंगी टाइल्स या वॉटरप्रूफिंग पेंट का कमाल नहीं है, बल्कि पूरी तरह से घरेलू और देसी तकनीक है। इसे तैयार करने के लिए उसने बाजार से 20 किलो चूना, 5 किलो कंक्रीट बाइंडर और थोड़ा सा वॉटरप्रूफिंग कंपाउंड खरीदा।
इस मिश्रण को लगाने का तरीका भी बेहद आसान है। सबसे पहले सामान्य चूने को रातभर पानी में भिगोकर छोड़ दिया जाता है ताकि उसकी गर्मी शांत हो जाए। अगले दिन सुबह इस भीगे हुए चूने में बाइंडर और वॉटरप्रूफिंग लिक्विड को अच्छी तरह मिलाकर एक गाढ़ा सफेद घोल तैयार किया जाता है। इसके बाद झाड़ू या बड़े ब्रश की मदद से इस लेप को पूरी छत पर पेंट की तरह फेर दिया जाता है।
15 डिग्री तक गिर जाता है तापमान, एसी की जरूरत होगी कम
इस कोटिंग के वैज्ञानिक असर को समझाते हुए वीडियो में दावा किया गया है कि सफेद रंग होने के कारण चूना सूरज की हानिकारक किरणों और हीट को रिफ्लेक्ट (वापस परावर्तित) कर देता है। इस कोटिंग के बाद छत का तापमान सीधे 15 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ जाता है। इसका सीधा असर मकान की सबसे ऊपरी मंजिल के कमरों पर पड़ता है। कोटिंग के बाद कमरों की सीलिंग (छत) तपना बंद कर देती है, जिससे घर के अंदर चल रहे साधारण पंखे और कूलर भी बिना किसी अतिरिक्त लोड के शिमला जैसी ठंडी हवा फेंकने लगते हैं।
कौड़ियों के भाव में 1000 स्क्वायर फीट की छत हो गई 'वाटर कूल'
इस देसी नुस्खे की सबसे बड़ी खासियत इसकी लागत है, जो जेब पर बिल्कुल भी भारी नहीं पड़ती। मकान मालिक के मुताबिक, करीब 1000 स्क्वायर फीट के बड़े टेरेस को इस फॉर्मूले से कवर करने में कुल मिलाकर मात्र 800 से 850 रुपये का खर्च आया। जहां आजकल बाजारों में मिलने वाले हीट-रिफ्लेक्टिव पेंट हजारों रुपये में आते हैं, वहीं कौड़ियों के भाव में तैयार इस जुगाड़ ने सोशल मीडिया यूजर्स का दिल जीत लिया है। लोग इस वीडियो को धड़ाधड़ शेयर कर रहे हैं और इसे इस सीजन का सबसे बेस्ट समर हैक (Summer Hack) बता रहे हैं।