'लड़के से नहीं, सहेली से करूंगी शादी', थाने में दो दिन अड़ी रहीं बीकॉम की छात्राएं
May 27, 2026 4:39 PM
उत्तर प्रदेश। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से पारंपरिक सामाजिक ताने-बाने को चुनौती देने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कस्बे के खतौली कोतवाली परिसर में पिछले 48 घंटों से चल रही पारिवारिक और कानूनी रस्साकशी का केंद्र बनीं दो युवतियां, जिन्होंने साफ लफ्जों में एलान कर दिया है कि वे समाज के डर से अपने प्यार की कुर्बानी नहीं देंगी। बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर चुकीं इन दो सहेलियों ने साफ कह दिया है कि वे किसी युवक के साथ सात फेरे लेने के बजाय जिंदगी भर एक-दूसरे का हाथ थामकर रहेंगी।
एक शादी समारोह से शुरू हुआ था सफर, विरोध के बाद खुला राज
जानकारी के मुताबिक, खतौली के दो अलग-अलग गांवों की रहने वाली इन युवतियों की कहानी करीब तीन साल पहले शुरू हुई थी। एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ यह दोस्ती गहरी होती गई और धीरे-धीरे इसने प्रेम का रूप ले लिया। दोनों के परिवारों को इस बात का अंदाजा तब तक नहीं था, जब तक कि बेटियों की शादी की उम्र नहीं हो गई। परिजनों ने जब अपनी-अपनी बेटियों के लिए लड़कों के रिश्ते देखने शुरू किए, तो दोनों ने हर प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। सख्ती से पूछताछ करने पर जब राज खुला, तो दोनों रूढ़िवादी परिवारों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
कोतवाली में दो दिन चला ड्रामा, पुलिस भी असमंजस में रही
घर में बढ़ते विरोध और पाबंदियों को भांपते हुए सोमवार शाम को यह पूरा मामला खतौली कोतवाली की दहलीज पर पहुंच गया। चूंकि दोनों ही लड़कियां पूरी तरह बालिग हैं, इसलिए पुलिस के लिए भी कोई कानूनी डंडा चलाना मुमकिन नहीं था। सोमवार की रात पुलिस ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर दोनों को उनके घर भेजा, लेकिन मंगलवार की सुबह सूरज उगते ही दोनों सहेलियां दोबारा कोतवाली आ धमकीं। उन्होंने थाने के भीतर ही साफ कह दिया कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकतीं और उन्हें सुरक्षा दी जाए।
आखिर झुकना पड़ा माता-पिता को, लिखित शर्तों के बाद लौटीं घर
कोतवाली परिसर में कई घंटों तक पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और परिजनों के बीच मैराथन काउंसिलिंग का दौर चला। जब यह साफ हो गया कि दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है, तो बेटियों के भविष्य और बदनामी के डर से आखिरकार परिजनों के तेवर ढीले पड़े। दोनों छात्राओं ने घर लौटने के एवज में अपने परिवारों के सामने कुछ सख्त शर्तें रखीं, जिन्हें न चाहते हुए भी माता-पिता को स्वीकार करना पड़ा।
तौली पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि मामला दो बालिग लड़कियों के आपसी समलैंगिक अधिकार से जुड़ा था, इसलिए कानूनन उन पर दबाव नहीं बनाया जा सकता था। उन्हें सामाजिक और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देकर फिलहाल परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में दोनों पक्षों के बीच दोबारा कोई तनाव या टकराव की स्थिति बनती है, तो इसके लिए उनकी पेशेवर मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग कराई जाएगी।